देवस्थानम बोर्ड भंग नहीं हुआ तो 1 नवंबर से देशव्यापी आंदोलन, यात्रा खुलवाने को बद्री केदार में विरोध जारी
सीएम के आश्वस्त करने के बाद तीर्थ पुरोहितों ने बडे आंदोजन को किया रद, लेकिन आंदोलन रहेगा जारी
देहरादून, 13 सितंबर। कोरोना वायरस महामारी की वजह से रुकी चारधाम यात्रा के मामले में देवस्थानम बोर्ड को लेकर बीजेपी सरकार के लिए मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी के 30 अक्टूबर तक पुरोहितों को आश्वासन देने के बाद चारधाम के तीर्थ पुरोहितों ने एक तरफ बड़े आंदोलन नहीं करने का फैसला तो ले लिया लेकिन चारधामों में तीर्थ पुरोहितों का अनशन व सरकार को चेताने का काम जारी है। इधर चार धाम महापंचायत ने 30 अक्टूबर तक देवस्थानम बोर्ड रद न करने पर 1 नवंबर से प्रदेशव्यापी आंदोलन तेज करने की बात की है। इतना ही नहीं दीपावली पर अंधेरा कर राज्य सरकार के खिलाफ जनआंदोलन करने का भी ऐलान किया है।

बोर्ड भंग नहीं हुआ तो दीपावली में करेंगे अंधेरा
अखिल भारतीय युवा साधु समाज और चार धाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत की एक बैठक हरिद्वार के चेतन ज्योति आश्रम में आयोजित हुई। इस बैठक में फैसला लिया है कि राज्य सरकार 30 अक्टूबर तक उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम प्रबंधन अधिनियम वापस नहीं लेती है, तो चारों धामों के तीर्थ पुरोहित और संत समाज 1 नवंबर से राष्ट्रीय अभियान शुरू करेगा।दीपावली के मौके पर देवस्थानम बोर्ड के विरोध में घरों और मंदिरों में अंधेरा रखकर विरोध जताया जाएगा। इसके लिए तीर्थ पुरोहितों ने साधु और संतों का सहयोग और आशीर्वाद लेना जारी रखने का फैसला लिया है।
दो धामों में विरोध जारी
इधर राज्य सरकार के आश्वासन के बाद भी चार धामों में क्रमिक अनशन जारी है। बदरीनाथ और केदारनाथ में तीर्थपुरोहितों ने अपना क्रमिक आंदोलन जारी रखा है। हालांकि गंगोत्री और यमुनोत्री में मंदिर परिसर में विरोध रोक दिया गया है। तीर्थ पुरोहितों का कहना है पंडा समाज अपना विरोध जारी रखेंगे, लेकिन बड़े स्तर के आंदोलनों को फिलहाल 30 अक्टूबर तक रोका गया है।
कांग्रेस और आप ने सरकार को घेरा
इधर देवस्थानम बोर्ड को लेकर राजनीति भी जारी है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी चुनावी साल में इस मुद्दे को छोड़ना नहीं चाहेगी। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता कर्नल अजय कोठियाल ने कहा कि चारधाम देवस्थानम बोर्ड पर सियासत करने के बजाय सरकार तत्काल बोर्ड को भंग करे। चारधामों के तीर्थ पुरोहितों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार बोर्ड के नाम पर तीर्थ पुरोहितों के साथ जनता को भी भ्रमित कर रही है। कर्नल अजय कोठियाल ने जारी बयान में कहा कि प्रदेश सरकार देवस्थानम बोर्ड को भंग करने के नाम पर कभी पुनर्विचार तो कभी समिति बनाने की बात कह कर तीर्थ पुरोहितों को गुमराह कर रही है। कांग्रेस ने देवस्थानम बोर्ड को लेकर राज्य सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। इसके लिए मंगलवार को विधानसभा भवन के बाहर कांग्रेस देवस्थानम बोर्ड और चारधाम यात्रा को शुरु करवाने के लिए धरना प्रदर्शन करने जा रही है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तीर्थ पुरोहितों को भी शामिल किया जा रहा है। धरना प्रदर्शन में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व सीएम हरीश रावत समेत सभी कांग्रेसी जुटेंगे।
सरकार ने मांगा है 30 अक्टूबर का समय
बता दें कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद चार धाम मंदिरों के पुजारियों ने देवस्थानम बोर्ड को भंग करने के लिए अपने आंदोलन को शनिवार को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें आश्वस्त किया कि 30 अक्टूबर तक उनकी चिंताओं को दूर कर दिया जाएगा। पुजारियों ने बताया कि चार धाम के आठ पुजारियों को देवस्थानम बोर्ड मुद्दे पर गौर करने के लिए उच्च अधिकार प्राप्त समिति का हिस्सा बनने के लिए भी आमंत्रित किया गया है।
गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं चार धाम महापंचायत संयोजक सुरेश सेमवाल ने कहा कि
गंगोत्री और यमुनोत्री में मंदिर परिसर में अनशन को फिलहाल खत्म कर दिया गया है। लेकिन देवस्थानम बोर्ड भंग करने की मांग को लेकर देव आशीर्वाद और संतो का आशीर्वाद लेना जारी है। सीएम से मुलाकात के बाद सरकार का सकारात्मक रुख है अगर 30 अक्टूबर तक सरकार ने बोर्ड भंग नहीं किया तो 1 से संतों का देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा
चारधाम तीर्थ पुरोहित हकहकूकधारी महापंचायत के अध्यक्ष कृष्णकांत कोटियाल ने कहा कि-
राज्य सरकार ने हमें आश्वस्त किया है कि देवस्थानम बोर्ड को लेकर जल्द ही निर्णय लेंगें। इसके लिए 30 अक्टूबर तक का समय मांगा गया है। इसके बाद बड़े आंदोलनों को स्थगित किया गया है। बद्रीनाथ और केदारनाथ में अब चारधाम यात्रा को खोलने के लिए क्रमिक अनशन चल रहा है।












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