Uttarakhand: नौकरशाही में तबादले को लेकर बवाल, डीएम के इस्तीफे की चर्चा, इस वजह से चर्चा में रहे IAS

उत्तराखंड में एक बार फिर नौकरशाही में तबादले को लेकर बवाल मचा हुआ है। इस बार टिहरी जिले के डीएम सौरभ गहरवार को रूद्रप्रयाग जिले की जिम्मेदारी मिलने पर सोशल मीडिया में कई तरह की चर्चा हो रही है।

उत्तराखंड में एक बार फिर नौकरशाही में तबादले को लेकर बवाल मचा हुआ है। इस बार टिहरी जिले के डीएम सौरभ गहरवार को रूद्रप्रयाग जिले की जिम्मेदारी मिलने पर सोशल मीडिया में कई तरह की चर्चा हो रही है। डीएम के इस्तीफे की खबरें भी सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रही हैं। इसके अलावा देहरादून से दो आईएएस अधिकारियों के डीएम को मनाने और उनकी नाराजगी दूर करने की चर्चा है।

ias Ttransfer in bureaucracy Uproar over discussion of DM tehri Saurabh Gaharwar resignation

शासन ने रूद्रप्रयाग और टिहरी जिलों के डीएम के तबादले करते हुए रूद्रप्रयाग के डीएम मयूर दीक्षित को टिहरी जबकि टिहरी के डीएम सौरभ गहरवार को रूद्रप्रयाग ट्रांसफर कर दिया। जिसके बाद से सोशल मीडिया में सौरभ गहरवार की नाराजगी और इस्तीफे की चर्चा है। माना जा रहा है कि टिहरी के डीएम कम समय में तबादला और जी20 सम्मेलन के बेहतर आयोजन के बाद शासन के इस कदम से नाराज हैं।

डीएम के इस्तीफे की चर्चा होते ही देहरादून से दो आईएएस अधिकारियों के टिहरी जाने की चर्चा भी है। जो कि डीएम को मनाने पहुंचे थे। इसमें गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय और एचआरडीए के वीसी अंशुल सिंह शामिल थे। जो कि रविवार को डीएम से टिहरी आवास पर मुलाकात कर वापस देहरादून लौट आए। दावा है कि करीब डेढ़ घंटे चली मुलाकात में डीएम को मनाने की कोशिश की गई है। इधर सोशल मीडिया में डीएम के पहले भी इस्तीफे की पेशकश की चर्चा है।

डीएम डॉ सौरभ गहरवार प्रशासनिक सेवा में आने से पहले रेडियोलॉजिस्ट के तौर पर कार्यरत रहे हैं। जो कि टिहरी में बतौर डीएम काम करने के बाद हर रविवार को अस्पताल पहुंचकर अल्ट्रासाउंड करते रहते हैं। इस वजह से डीएम की प्रशासनिक सेवा के साथ समाज सेवा से हर कोई प्रभावित रहा है। डीएम की दोहरी भूमिका से स्थानीय जनप्रतिनिधि और लोग बहुत खुश नजर आते रहे हैं। टिहरी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की हमेशा परेशानी मरीजों को झेलनी पड़ती है।

इस वजह से डीएम 6 दिन बतौर डीएम का कामकाज देखने के बाद संडे को प्रशासनिक और रेडियोलोजिस्ट का काम भी देखते आए हैं। ऐसे में डीएम के एक साल में ही तबादला होने पर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है। हालांकि केदारनाथ पुर्ननिर्माण के लिहाज से रूद्रप्रयाग जिला काफी अहम माना जाता है। इससे पहले रूद्रप्रयाग के डीएम रहे कई आईएएस अधिकारी अब केंद्र में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में डीएम की नाराजगी किसी के गले नहीं उतर रही है।

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