Harish rawat: केदारनाथ उपचुनाव को लेकर पूर्व CM ने कही बड़ी बात,दावेदारी के दिये ये संकेत,जानिए सियासी मायने
उत्तराखंड की केदारनाथ सीट पर उपचुनाव होना है। इसको लेकर भाजपा, कांग्रेस की अपनी तैयारियां शुरू हो गई है।
कांग्रेस केदारनाथ यात्रा के जरिए संदेश भी दे चुकी है। इससे पहले बदरीनाथ और मंगलौर सीट जीतने के बाद कांग्रेस का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है। जबकि भाजपा का दावा है कि ये सीट उनके ही खाते में रहेगी।

इस बीच केदारनाथ उपचुनाव को लेकर पूर्व सीएम और कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत ने सोशल मीडिया के जरिए कहा है कि केदारनाथ में होने वाले उपचुनाव में हार से घबराई भाजपा ने अपने पांच मंत्रियों को चुनाव प्रभारी बना दिया है। यदि भाजपा नेतृत्व इन पांचों की क्षमता को कम समझेगा तो और मंत्रिमंडल का विस्तार कर उन मंत्रियों को भी केदारनाथ में झौंक सकता है।
कहा कि भाजपा के अंदर जो अभ्यार्थी हैं, मंत्री पद पाने के आकांक्षी हैं वह लोग केदारनाथ में कांग्रेस की संभावनाओं को लेकर राज्य के भाजपा नेतृत्व को सावधान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में चाहे पांच मंत्री झौंके या 12 मंत्री झौंकें, लेकिन केदारनाथ की जनता ने मन बना लिया है कि उस क्षेत्र की उपेक्षा का दंड वह इस बार भाजपा को देंगे।
हरीश रावत का कहना है कि भाजपा की पराजय केदारनाथ में निश्चित है, लोगों की कुछ अपेक्षा कांग्रेस से भी है, उसे भगवान केदारनाथ जी का स्मरण कर गणेशाय नमः कहते-कहते श्री केदार की प्रतिष्ठा के अनुरूप साफ व स्वच्छ धवल छवि के उम्मीदवार को मैदान में उतरना है।
हरीश रावत की इस पोस्ट से भाजपा ही नहीं कांग्रेस के अंदर भी सियासी मायने तलाशे जा रहे हैं। हरीश रावत ने जहां भाजपा को घेरा वहीं दावेदारी को लेकर एक नई चर्चा भी शुरू कर दी है। कांग्रेस से केदारनाथ सीट के लिए कई दावेदार सामने आ रहे हैं। जिनमें पूर्व विधायक मनोज रावत, हरक सिंह का नाम प्रमुखता से चल रहा है। हरीश रावत की इस पोस्ट के बाद गणेश गोदियाल का भी नाम चर्चा में आ गया है।












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