Haridwar से संतो ने कर दी ये बड़ी मांग, लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा समेत सियासी दलों की बढ़ सकती है मुश्किलें
उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित संत सम्मेलन में संतों ने हरिद्वार से संत समाज को प्रतिनिधित्व देने की मांग की है। संतों की ये मांग ऐसे समय पर आई है जब लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई है। भाजपा को आने वाले समय में लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों का ऐलान करना है। ऐसे मेंं संतों की ये मांग भाजपा के लिए आने वाले दिनों में मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

चंडीघाट स्थित गौरीशंकर गोशाला परिसर में बुधवार को शौर्य दिवस पर आयोजित संत सम्मेलन में संत समाज ने धर्मनगरी हरिद्वार से लोकसभा में प्रतिनिधित्व देने की मांग उठाई है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से कहा कि हरिद्वार से सांसद संत ही होना चाहिए।
संत सम्मेलन में बाबा हठयोगी संत सम्मेलन में जगतगुरू स्वामी राजराजेश्वराश्रम, योगगुरू स्वामी रामदेव (आनलाइन), परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती, अखाड़ा परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत रविन्द्र पुरी, महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानन्द, स्वामी ज्ञानदेव महाराज, अयोध्याचार्य महाराज, आचार्य बालकृष्ण, महामंडलेश्वर उपेन्द्र प्रकाश, ऋषिश्वरानन्द महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी ईश्वरदास महाराज, स्वामी यतिन्द्रानन्द महाराज, स्वामी सतपाल ब्रह्मचारी ने हिस्सा लिया।
6 दिसम्बर, 1992 को बाबरी मस्जिद ध्वस्त की गयी थी उसी की याद में हरिद्वार में शौर्य दिवस मनाया गया। इस अवसर पर संतों ने संस्कृति व संस्कारों के ध्वज को फहराये रखने के लिये उद्बोधन दिया। इस मौके पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि शौर्य दिवस सूर्य दिवस है, एक नया सनातन संस्कृति का सूर्य उगा जिसका परिणाम है कि आज केवल श्री राम मन्दिर नहीं बल्कि राष्ट्र मन्दिर का निर्माण हो रहा है।
श्रीराम मन्दिर निर्माण से एक ऐसा अभियान शुरू हुआ जिसमें पूरे सनातन जगत को एक कर दिया। अखाड़ा परिषद् के अध्यक्ष महंत रविन्द्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्ष 2024 में हरिद्वार में यह कार्यक्रम विशाल रूप से आयोजित किया जायेगा। इस बीच संतों ने मंच से कहा कि एक योगी यूपी को मिला, आज एक योगी की आवश्यकता राजस्थान में है। जहां दिनदहाड़े एक राजपूत को घर में घुसकर गोली मार दी जाती है। आज राजस्थान को भी बालकनाथ जैसा योगी चाहिए।












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