पाकिस्तान से आए 223 हिंदूओं ने दिवंगत लोगों की अस्थियों को किया गंगा में विसर्जित,पीएम मोदी से की ये मांग
पाकिस्तान के सिंध प्रांत से आए 200 से ज्यादा हिंदू यात्रियों ने आज हरकी पैड़ी पर पूजा अर्चना की और दिवंगत लोगों की अस्थियों को गंगा में विसर्जित किया। इस दौरान पाकिस्तान से आए 223 हिंदू तीर्थयात्रियों ने करीब 20-22 दिवंगत लोगों की अस्थियों को गंगा में विसर्जित किया।
यात्रियों ने बताया कि सिंध प्रांत में रहने वाले हिंदू मां गंगा को अपना आराध्य मानते हैं। ऐसी मान्यता है कि अगर अस्थियों का विसर्जन मां गंगा में किया जाए तो दिवंगत को मोक्ष की प्राप्ति होती है। पाकिस्तान में ये अस्थियां कई सालों से रखी हुई थी।

बताया कि शदाणी दरबार के पीठाधीश्वर स्वामी युधिष्ठिर लाल के आशीर्वाद से यह सब संभव हुआ। उन्होंने बताया कि सभी यात्री शदाणी दरबार के जत्थे में आए हैं। सिंध प्रांत में ब्राह्मण काफी हैं। अस्थि प्रवाह पूरे सिंधु हिंदू समाज की गंगा में ही होती है। जत्थे के ग्रुप लीडर गोविंदराम मखीजा ने बताया कि वो शदाणी दरबार के नेतृत्व में पाकिस्तान के सिंध प्रांत से आए हैं।
जत्थों का सिलसिला पिछले 35-40 सालों से जारी है। सिंध प्रांत के 223 यात्रियों का जत्था लेकर 13 अप्रैल को घर से निकले थे। 14 अप्रैल को बॉर्डर को पार करते हुए 16 अप्रैल को अमरावती आए, फिर 19 अप्रैल को रायपुर पहुंचे। जहां वो 10 दिन ठहरे और पूजा-पाठ की।
रायपुर के बाद वो इलाहाबाद आए, जहां उन्होंने त्रिवेणी में स्नान किया। श्री राम जन्मभूमि के दर्शन भी किए। 4 मई को वो हरिद्वार पहुंचे हैं। यहां पर उन्होंने गंगा में अपने पूर्वजों की अस्थियां विसर्जित की हैं. इसके अलावा उन्होंने बताया कि भारत आने के लिए वीजा लेने में काफी परेशानी होती है।
ऐसे में वो पीएम नरेंद्र मोदी से अपील करते हैं कि पाकिस्तान के हिंदू सिंधी यात्रियों को जल्द वीजा मिलने की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि वीजा काफी देर से मिलता है, कई बार पैसा खर्च करने के बाद भी समय पर नहीं मिलता है।












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