Girdhari Lal Sahu की महिलाओं पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर बवाल, भाजपा बोली-नेता का पार्टी से कोई संबंध नही
Girdhari Lal Sahu कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू के महिलाओं पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस भाजपा पर हमलावर है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी करने वाले कथित नेता का पार्टी से कोई संबंध नही है और पार्टी इसकी कड़ी निंदा करती है।
चौहान ने कहा कि महिलाओं के बारे मे अनर्गल बयानबाजी करने वाले कथित नेता न भाजपा संगठन मे पदाधिकारी है और न ही उनका पार्टी से संबंध है। भाजपा महिलाओं के संबंध मे ऐसी असंयमित टिप्पणी की कड़ी निंदा करती है। भाजपा मातृ शक्ति का सम्मान करती है और ऐसे विचार को कतई स्वीकार नही करेगी।

मनवीर सिंह चौहान ने सबूतों के सीबीआई जांच की विपक्षी मांग से सजायाफ्ताओं को कानूनी मदद की आशंका व्यक्त की है। वहीं वीआईपी को लेकर नए नए नाम उछालकर, दिवंगत बेटी को अपमानित करने का पाप कर रही है। कांग्रेस बार बार बिना सबूतों और तथ्यों के राजनैतिक लाभ की दृष्टि से इस मुद्दे पर भ्रम फैला रहा है।
कांग्रेस की मंशा पर सवाल खड़े किए कि जो आज सीबीआई जांच की मांग कर रही है, वहीं तो इस संवैधानिक जांच एजेंसी पर उंगली उठाते रहे हैं। इनके ही आरोप है कि सीबीआई सरकार के दबाव में पक्षपात करती है, हमेशा उनके नेताओं को झूठे केसों में फंसाती है। ऐसे में संदेह होना लाजिमी है कि उससे जांच की मांग क्यों? क्या कांग्रेस से जुड़े अन्य प्रकरणों में हो रही सीबीआई जांच पर भी उनका यही रुख रहेगा?
चौहान ने कहा कि सेलाकुई मे असम के छात्र की हत्या को कांग्रेस नस्ली रूप देने की कोशिश कर रही है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। जांच एजेंसियों की जांच मे यह साफ हुआ कि हमला कुछ असमाजिक तत्वों के द्वारा किया गया और और छात्र असमय काल कवलित हो गया। लेकिन जांच एजेंसी 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और एक फरार आरोपी की तलाश मे पुलिस जुटी है। हालांकि असम सरकार और उत्तराखंड सरकार आपस मे संपर्क मे है। राज्य मे ऐसी घटनाओं की पुनरवृत्ति नही होगी न ही ऐसे तत्वों को बक्शा जायेगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य मे कानून व्यवस्था को लेकर सतर्क है और किसी भी साजिश को पूरा नही होने देगी। उन्होंने कहा कि किसी मुद्दे को लेकर विरोध स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन इसे राजनैतिक रूप मे नही लिया जाना चाहिए। भाजपा विकास कार्यो मे गतिरोध की कोशिश को सफल नही होने देगी।
भाजपा ने परिवार रजिस्टर अभिलेखों की जांच का स्वागत करते हुए, इसे प्रदेश की डेमोग्राफी और पहचान बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। वहीं उम्मीद जताई कि इसके बाद अब कोई भी घुसपैठिया या जिहादी मानसिकता वाला व्यक्ति, देवभूमि परिवार का हिस्सा नहीं रहेगा।
प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने सरकार के इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए, देवभूमि की सुरक्षा के लिए भी अहम बताया है। इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए उन्होंने कहा, ग्रामीण क्षेत्रों के अभिलेखों में छेड़छाड़ कर राज्य का निवासी बनने वाली विभिन्न प्रकार की शिकायतें और जानकारियां प्राप्त हो रही थी। जिन्हें गंभीरता से लेते हुए, सरकार द्वारा गांव में निवास करने वाले लोगों का लेखा जोखा रखने वाले परिवार रजिस्टर की जांच का निर्णय लिया गया। उसमें सबसे अच्छी बात है कि जांच के दायरे की राज्य निर्माण के ठीक बाद, वर्ष 2003 रखा गया है। लिहाजा किसी ने भी सरकारी दस्तावेजों में गड़बड़ी कर, खुद को उत्तराखंड के गांवों का हिस्सा बनाया है, वो अब बचने वाला नहीं है।
सरकार के इस कदम से पुनः स्पष्ट हुआ है कि प्रदेश की डेमोग्राफी, पहचान और सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करेगी। वोट बैंक बढ़ाने के लिए अन्य दलों द्वारा बाहरी लोगों को राज्य में स्थायित्व देने की साजिश को हम किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे। इसको लेकर सरकार की मंशा स्पष्ट है कि गड़बड़ी कर अवैध तरीके से जिन्होंने परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराए हैं, उनकी पहचान कर, नाम हटाएं जाए और उचित कार्रवाई की जाए। भाजपा संगठन और सरकार चाहती है कि प्रदेश के संसाधनों, योजनाओं और व्यवस्थाओं का लाभ प्राथमिकता से स्थानीय लोगों को प्राप्त हो।












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