महाकुंभ के दौरान कोरोना टेस्टिंग में हुआ घपला, दोबारा जांच के लिए गठित हुई चार सदस्यीय कमेटी
नई दिल्ली, जून 16। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच में आयोजित किए गए महाकुंभ में कोरोना टेस्टिंग और कोरोना संक्रमण के आंकड़ों में गड़बड़ी सामने आने के बाद अब इसकी नए सिरे से जांच होगी। बुधवार को एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि अधिकारियों ने हरिद्वार में महाकुंभ के दौरान दो निजी प्रयोगशालाओं द्वारा सैंपल, स्वैब ककुंलेक्शन, कोरोना टेस्टिंग और डाटा फीडिंग की नए सिरे से जांच करने का आदेश दिया गया है।

लैब पर लगे फर्जी रिपोर्ट बनाने के आरोप
कुंभ मेले के स्वास्थ्य अधिकारी अर्जुन सिंह सेंगर ने कहा कि उन्होंने उन प्रयोगशालाओं द्वारा अनियमितताओं की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है, जिन्हें महाकुंभ के दौरान कोरोना टेस्टिंग का काम सौंपा गया था। अर्जुन सिंह ने कहा कि ये बात सामने आई है कि कुंभ के दौरान कुछ लैब द्वारा गलत डेटा को सूचीबद्ध किया गया। हम इस मामले की जांच कर रहे हैं और समिति की सिफारिशों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
1 लाख टेस्ट में अधिकतर मिले नेगेटिव
आपको बता दें कि कुंभ मेला स्वास्थ्य विभाग ने कोविड -19 टेस्टिंग के लिए हरिद्वार, देहरादून, रुड़की और हरियाणा की 11 लैब को सूचीबद्ध किया था। इनमें से हरियाणा की 2 प्राइवेट लैब ने कुंभ के दौरान 100,000 से अधिक रैपिड एंटीजन टेस्ट किए थे, इनमें से ज्यादातर टेस्ट नेगेटिव थे।
1 से 30 अप्रैल तक हुआ था कुंभ का आयोजन
आपको बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर में कुंभ का आयोजन 1 अप्रैल से लेकर 30 अप्रैल तक हुई थी। देश के अलग-अलग राज्यों से लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ हरिद्वार पहुंची। श्रद्धालुओं की कोरोना जांच का जिम्मा 11 निजी पैथोलॉजी लैबों को दिया गया था।












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