'सबसे राय मशविरा लेकर बातचीत करते हुए, थोपने का काम मत करना'... पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत ने दे डाली नसीहत
'सबसे राय मशविरा लेकर बातचीत करते हुए, थोपने का काम मत करना'... उत्तराखंड के पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत का ये बयान सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है।
तीरथ सिंह रावत ने जिस अंदाज में खुलकर भाजपा कार्यसमिति की बैठक में संबोधन दिया, उससे पूरे कार्यक्रम स्थल का माहौल ही बदल दिया। तीरथ सिंह रावत के भाषण के हर बात पर जमकर तालियां बजी।

तीरथ सिंह रावत ने बदरीनाथ में हार के बाद वरिष्ठ नेताओं व पदाधिकारियों को नसीहत दे डाली। माना जा रहा है कि राजेंद्र भंडारी को जिस अंदाज में पार्टी ने पार्टी ज्वाइन कराई। उससे स्थानीय कार्यकर्ता और नेता पचा नहीं पाए। अब पार्टी की हार हुई तो ठीकरा एक दूसरे के सिर पर फोड़ा जा रहा है। ऐसे में राय मशविरा लेकर बातचीत करते हुए किसी भी काम को करने की तीरथ सिंह रावत ने सलाह दे डाली।
उन्होंने साफ कहा कि थोपने का काम मत करो। तीरथ के इस बयान से भाजपा के अंदर बदरीनाथ हार को लेकर पार्टी की अंधरुनी लड़ाई खुलकर सामने भी आ गई। तीरथ सिंह रावत को पहले बहुत कम समय के लिए सीएम बनाया गया उसके बाद इस बार लोकसभा चुनाव में गढवाल सीट से टिकट काट दिया गया। अब तीरथ पार्टी को नसीहत दे रहे हैं।
कार्यसमिति की बैठक में पूर्व सीएम तीरथ रावत ने उपचुनाव में हार को लेकर कहा कि प्रत्याशी का चयन सही नहीं हुआ। मैंने पहले भी इस बारे में संकेत दिया था। उन्होंने ये भी कहा कि प्रदेश में कार्यकर्ताओं को सही सम्मान नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अब केदारनाथ में प्रत्याशी चयन में हमें और समझदारी दिखानी होगी।
तीरथ सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जमकर तारीफ भी की। उन्होंने तीन साल पूरे होने पर बधाई देते हुए कहा कि मैनें धामी को कहा था कि वह 6 माह के लिए सीएम नहीं बनेंगे वह ह 15 साल तक मुख्यमंत्री रहें, ऐसी कामना है।
तीरथ ने कहा, अब तो जनता आगे बढ़ गई, हम पीछे हो गए भईया। कहा, जो यहां बैठे हैं, कोई बड़ा आदमी नहीं है। आज तू है तो कल मैं हूं। सबसे पीछे वाला आगे आ जाए और आगे वाला पीछे चला जाए। कहीं भी बैठो, जमीन मत छोड़ो।












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