पूर्व सीएम हरीश रावत का किसानों के साथ कल उपवास, भाजपा ने कसा तंज-'अब उनके लिए मौन रहना ही उचित'
आपदा प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत 7 दिसंबर कल मौन उपवास और उपवास कर विरोध दर्ज करेंगे। कांग्रेस इस कार्यक्रम को बड़े स्तर पर आयोजित कर शक्ति प्रदर्शन करने की रणनीति पर काम कर रही है।

बता दें कि देहरादून में 8 व 9 दिसंबर को ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का आयोजन है। ऐसे में सरकार के बड़े आयोजन से पहले कांग्रेस के उपवास कार्यक्रम को कांग्रेस के लिए काफी अहम है। हालांकि भाजपा ने हरीश रावत के मौन उपवास पर तंज कसा है।
पूर्व सीएम हरीश रावत के मौन उपवास पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने व्यंग किया कि अब उनके लिए मौन रहना ही उचित है। क्योंकि राज्य से पर्यवेक्षक और प्रभारी बना बना कर कांग्रेस नेताओं को इन तीन राज्यों में भेजा गया था और परिणाम सबके सामने है। लिहाजा उनके सामने बोलने के लिए कोई मुद्दा नहीं बचा है और सबका करारा जवाब महान जनता दे चुकी है।
कल 7 दिसंबर को 11 बजे गांधी पार्क देहरादून में पूर्व सीएम और कांग्रेस के सीनियर नेता हरीश रावत ने मौन उपवास रखा है। हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस के साथियों और किसान भाइयों के साथ 1 घंटे का "मौन उपवास" और फिर उसके बाद उपवास रखूंगा। जब इन्वेस्टर्स समिट के लिए अडानी, अंबानी, बड़े-बड़े अरबपति देहरादून आ रहे हैं, तो कांग्रेस किसानों की आवाज को सत्ता तक पहुंचाना चाहेगी।
उत्तराखण्ड का किसान पस्त हाल हैं, गन्ने का मूल्य घोषित नहीं, मुआवजा अपमान जनक, इकबालपुर चीनी मिल के बकाये का भुगतान नहीं। एक तरफ बड़े-बड़े, अरबपतिए खरब पतियों की चमक होगी। देहरादून में तो दूसरी तरफ देहरादून की वादियों में कल किसान की व्यथा भी गूंजेगी। कांग्रेस का आरोप है कि आपदा के चलते हरिद्वार के किसानों को भारी नुकसान हुआ है। लेकिन, सरकार आपदा से प्रभावित किसानों को 1100 रुपये प्रति बीघा के हिसाब से मुआवजा देकर उनका अपमान कर रही है। जबकि, हरीश रावत सरकार में आपदा ग्रस्त किसानों को 10 हजार प्रति बीघा के हिसाब से मुआवजा राशि दी गई थी।












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