कंगना रणौत थप्पड़ गूंज को लेकर पूर्व सीएम हरीश रावत ने कही ये बात, जानिए किन घटनाओं का किया जिक्र
उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने चण्डीगढ़ एयरपोर्ट पर भाजपा सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत के साथ हुई घटना को लेकर सोशल मीडिया के जरिए बात रखी है।
हरीश रावत ने इस घटना को जोड़ते हुए उत्तराखंड की बेटियों के साथ हुई घटनाओं का जिक्र किया है।

हरीश रावत ने कहा कि चण्डीगढ़ एयरपोर्ट पर थप्पड़ कांड की गूंज अभी लोगों के मन-मस्तिष्क में है। लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। मगर हिंसा के कारणों पर समाज हमेशा विचार करता है और समाधान निकालता है और कभी-कभी अनचाही प्रतिक्रियाएं भी देता है।
हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड में हमारी कई बेटियों के साथ अन्यायपूर्ण, निंदनीय कृत्य हुये हैं। उत्तराखंडी समाज ने उनके खिलाफ हमेशा एकजुटता पूर्वक आवाज उठाई है। ऋषिकेश के निकट एक रिजोर्ट में कार्यरत हमारी एक बेटी अंकिता भंडारी ने एक राजनीतिक VIP को विशेष सेवा देने के रिजोर्ट मालिक के दबाव को नकार दिया। उसकी जिंदगी समाप्त कर दी गई।
हरीश रावत ने कहा कि दिल्ली के नजफगढ़ क्षेत्र में हमारी एक बेटी, जिसे न्यायालय ने अनामिका नाम दिया, बलात्कार की शिकार हुई। अपराधी पकड़े भी गए, सजा भी हुई और छूट भी गए। पौड़ी व उत्तराखंड में जिस प्रकार हमने अंकिता हत्याकांड को लेकर अपना सामूहिक आक्रोश कई बार ध्वनित किया, उसी तर्ज पर दिल्ली में भी दर्जनों बार हम लोगों ने कैंडल मार्च, प्रदर्शन आयोजित किये। मगर चुनावी अवसर पर हम अपने आक्रोश को दिल्ली में भी व्यक्त नहीं कर पाए।
कहा कि हमें इन दोनों प्रकरणों पर गहराई से चिंतन करना चाहिए। यदि इन दोनों मामलों में न्याय की लड़ाई उचित थी, तो फिर जिस वक्त हम सबसे असरदार तरीके से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर सकते थे, तो हमने व्यक्त क्यों नहीं की? इस पर समाज के रूप में हमें चिंतन करना चाहिए।
हरीश रावत ने कहा कि मैं जानता हूं ट्रार्लस की एक पूरी जमात मेरी चीड़-फाड़ करने के लिए हमेशा तैयार रहती है, वह इस बार भी चीड़-फाड़ करेगी। मगर उत्तराखंडी समाज के वरिष्ठतम लोगों के समूहों में से एक व्यक्ति के तौर पर इन दोनों प्रकरणों पर मेरे मन-मस्तिष्क में मची हलचल को मैं आप सबसे साझा कर रहा हूं, क्षमा करें।












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