सीएम धामी से मिले पूर्व सीएम हरीश रावत, बंद कमरे में हुई बात तो उपवास कार्यक्रम किया स्थगित
पूर्व सीएम हरीश रावत ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से की मुलाकात
देहरादून, 16 अगस्त। उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से सीएम आवास पर मुलाकात की तो सियासी मायने तलाशे जाने लगे। हालांकि हरीश रावत ने साफ कर दिया कि वे जिस मुद्दे को लेकर सीएम आवास पर उपवास करने जा रहे थे, उसे वे फिलहाल स्थगित कर रहे हैं। ऐसे में साफ है कि सीएम धामी की ओर से पूर्व सीएम हरीश रावत को आश्वासन मिला है। इसके बाद ही हरीश रावत का रूख नरम नजर आ रहा है।

उपवास से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरीश रावत को अपने आवास पर बुलाया
मंगलवार को अचानक पूर्व सीएम हरीश रावत सीएम आवास में सीएम धामी से मुलाकात करने पहुंचे। बताया गया कि सीएम धामी ने हरीश रावत को अपने आवास पर बुलाया था। रावत ने हरिद्वार में पंचायत चुनाव को लेकर 18 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास गेट पर उपवास करने का ऐलान किया था। उपवास से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरीश रावत को अपने आवास पर बुलाया। हरीश रावत मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, दोनों गर्मजोशी से मिले। जिसके बाद मुख्यमंत्री धामी और हरीश रावत के बीच बंद कमरे में बातचीत हुई।
हरिद्वार पंचायत चुनाव, कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न संबंध में मुख्यमंत्री के सामने बात रखी
हरिद्वार पंचायत चुनाव को लेकर हरीश रावत ने सरकार पर लोकतंत्र की हत्या कराने का आरोप लगाया था। रावत ने 18 अगस्त को सीएम आवास पर उपवास करने की चेतावनी दी थी। लेकिन उससे पहले ही सीएम ने हरीश रावत को आवास पर बुला लिया।पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पत्रकारों जानकारी देते हुए बताया कि हरिद्वार पंचायत चुनाव के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न, उपनल कर्मचारियों और कोरोना काल में मेडिकल में लोगों को संबंध में मुख्यमंत्री के सामने बात रखी। इन सभी बातों को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से सुनते हुए ,आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद 18 अगस्त के धरना फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है। इसके बाद सरकार कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न जारी रखी तो हम विवश होकर आगे का कदम बढ़ाएंगे। हरीश रावत ने कहा कि हरिद्वार के पंचायती चुनाव में ग्रामीण नेतृत्व को ध्वस्त करने का काम किया जा रहा है। परिसीमन, आरक्षण का इस्तेमाल कर पंचायत चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश किया गया है। हरीश रावत ने कहा कि पहले मुख्यमंत्री हमसे मिलने लिए आए थे, लेकिन अब हम शिष्टाचार मुख्यमंत्री से मिलने आए है। राज्य के मुख्यमंत्री पर विश्वास तो करना ही है। अच्छा नहीं लगता कि मुख्यमंत्री के आवास पर पूर्व मुख्यमंत्री धरना दे। अब हमारे पास सत्याग्रहए उपवास की विकल्प है। हरीश रावत ने भाजपा अध्यक्ष महेन्द्र भटृ के राष्ट्रभक्ति के बयान पर कहा कि अभी अध्यक्षी ठीक से रास नहीं आई है। कोई भी संस्था राष्ट्रभक्ति का मापन करे यह अधिकार किसी को नहीं है।












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