पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपने आवास पर, बेटी विधायक अनुपमा रावत ने सदन के बाहर दिया धरना, जानिए क्यों ?
हरीश रावत ने कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न को लेकर किया मौन उपवास
देहरादून, 29 मार्च। उत्तराखंड में 5वीं विधानसभा का पहला सत्र मंगलवार से शुरू हो गया है। राज्यपाल के अभिभाषण के साथ ही सदन प्रारंभ हुआ। इधर सत्र शुरू होते ही पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपने आवास में हरिद्वार ग्रामीण के कार्यकर्ताओं पर उत्पीड़न का आरोप लगाया तो उधर हरिद्वार ग्रामीण की विधायक हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत ने सदन के बाहर महंगाई को लेकर विरोध प्रदर्शन किया है।

हरीश रावत ने अपने आवास पर किया मौन उपवास
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मंगलवार को अपने आवास पर मौन उपवास रखकर विरोध जताया है। हरीश रावत ने हरिद्वार ग्रामीण में कार्यकर्ताओं पर पुलिस द्वारा उत्पीड़न का आरोप लगाया है। हरीश रावत ने कहा कि मेरा मन जिस तरीके की घटनाएं हरिद्वार ग्रामीण में हो रही हैं उससे बहुत आक्रोशित और बहुत उद्वेलित है। लोगों को केवल इसलिए दंड दिया जा रहा है कि सत्तारूढ़ दल को वोट नहीं दिया है। अधिकारी जिसमें पुलिस भी सम्मिलित है, उत्पीड़न का हिस्सा बनी हुई है, उनको अपनी पोजीशन बचानी है।
ये है पूरा मामला
बीते दिनों हरिद्वार जिले के श्यामपुर थाने के बाहर हरिद्वार ग्रामीण की विधायक अनुपमा रावत ने धरना दिया था। जिसमें अनुपमा रावत ने हाथ में गांधी जी का चित्र लेकर विरोध किया। विरोध का कारण विधायक ने अपने क्षेत्र के समर्थकों का पुलिस द्वारा उत्पीड़न करना बताया है। मामला चुनाव से जुड़ा होना बताया गया। जहां एक ऑडियो वायरल होने के मामले में एक किशोर को पुलिस ने हिरासत में लिया। आरोप है कि विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद भाजपा नेता को लेकर किसी युवक ने अपने दोस्त से फोन पर बातचीत कर गाली-गलौच की, जिसका ऑडियो वायरल हो गया। भाजपा नेता ने किशोर के खिलाफ शिकायत की थी। पुलिस ने किशोर को थाने बुलाया और हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत ने समर्थकों के साथ श्यामपुर थाने के बाहर धरना दिया। बाद में ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर ने भी वहां पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। विधायकों ने पुलिस पर भाजपा के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। इस दौरान अनुपमा और पुलिस के बीच कहासुनी भी हुई। अनुपमा रावत ने इस पूरे प्रकरण को पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद के दबाव में होने का भी आरोप लगाया। इतना ही नहीं विधायक ने इस पूरे प्रकरण को लेकर आगे भी विरोध करने का ऐलान किया था। इसी को आगे बढ़ाते हुए अनुपमा रावत के पिता पूर्व सीएम हरीश रावत ने मंगलवार को सदन शुरू होते ही विरोध स्वरूप 1 घंटे का मौन उपवास किया।
सदन के बाहर अनुपमा ने महंगाई को लेकर किया विरोध
सदन में राज्यपाल के अभिभाषण के साथ ही हरिद्वार ग्रामीण की विधायक अनुपमा रावत ने सदन के बाहर महंगाई के विरोध में प्रदर्शन किया। अनुपमा ने सिलेंडर और पैट्रोल के दाम बढ़ने पर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही एक पोस्टर के जरिए भी अपना विरोध किया, यह पोस्टर उन्होंने एक कपड़े से तैयार किया हुआ था। जिसमें उन्होंने आमजन को भाजपा का ईनाम करार दिया। साथ ही इसके नीचे पेट्रोल और सिलेंडर के दाम भी लिखे हुए थे। हालांकि अनुपमा रावत के अकेले विरोध करने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि उनके साथ कोई भी कांग्रेसी विधायक नहीं था। कांग्रेस सदन में बिना नेता प्रतिपक्ष के ही हिस्सा लेने पहुंची। ऐसे में अनुपमा रावत के इस विरोध को लेकर कांग्रेस ही एकजुट नजर नहीं आई। साथ ही अन्य विधायकों ने इस प्रदर्शन की जानकारी पहले न होने की बात की है।












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