Forest Fire In Uttarakhand:सेना के हेलिकॉप्टर की मदद,अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द,जानिए पूरे अपडेट
उत्तराखंड में वनाग्नि की घटनाएं सरकार के लिए चुनौती साबित हो रही है। आग बुझाने के लिए अब सेना की मदद ली जा रही है। शनिवार की सुबह से नैनीताल से लगे जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए वन विभाग ने वायुसेना के हेलिकॉप्टर की मदद लेना शुरू कर दिया है।
इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। साथ ही वन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। सरकारी आंकड़ों की बात करें तो अब तक 598 आग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

एक अप्रैल से लेकर 27 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में 559 वनाग्नि की घटनाएं हुई। इनमें कुमाऊं की 318 घटनाएं भी शामिल है। इस दौरान पूरे प्रदेश में 689 हेक्टेअर वन संपदा को नुकसान पहुंचा है।
उत्तराखंड के जंगल धधक रहे है। गढ़वाल और कुमांउ दोनों में वनाग्नि की घटनाओं से सरकारी मशीनरी की मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। सबसे ज्यादा परेशानी नैनीताल जिलों को लेकर है। जहां आग रिहायशी इलाकों तक पहुंचने की सूचना के बाद हड़कंप मच गया। इसके बाद शासन प्रशासन हरकत में आया।
सीएम धामी ने खुद मोर्चा संभाला और पहले हवाई सर्वेक्षण किया फिर अधिकारियों के साथ बैठक की। हल्द्वानी पहुंचे सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जंगलों में लगी आग की रोकथाम और पेयजल व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
सीएम धामी ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि वन विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। साथ ही अधिकारियों को मीटिंग के लिए भी वर्चुअल जुड़ने को कहा गया है।
इस बीच वायुसेना का हेलिकॉप्टर शनिवार की सुबह 7 बजे से भीमताल झील से पानी भरकर जंगल में लगी आग बुझाने में लगा रहा। कुमाऊं मंडल के जंगलों में लगी आग ने सरकार और वन विभाग की चिंता बढ़ाई हुई है। शनिवार की सुबह नैनीताल से लगे जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए वन विभाग ने वायुसेना के हेलिकॉप्टर की मदद लेना शुरू कर दिया है।
वायुसेना का हेलिकॉप्टर शनिवार को भीमताल झील से पानी भरकर जंगल में लगी आग बुझाने में लगा रहा। हेलीकॉप्टर के भीमताल झील में पानी भरकर ले जाने से भीमताल का पर्यटन कारोबार प्रभावित रहा। भीमताल में नौकायन, पैराग्लाइडिंग, कायकिंग, जॉरबिंग का संचालन नहीं हो पाया। इससे कारोबारियों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचा है।
वर्ष-2016 में प्रदेश के जंगलों में भीषण आग लगी थी। इस आग पर काबू पाने के लिए वर्ष-2016 में एयरफोर्स की मदद मांगी गई थी। इसमें गढ़वाल और कुमाऊं में अभियान शुरू कया गया था। उस वक्त भी भीमताल झील से पानी भरकर हेलीकॉप्टर ने वनाग्नि प्रभावित इलाकों में पानी डाला था।












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