Uttarakhand: फर्जी डॉक्टर और डिग्री का विदेशी कनेक्शन, यूपी का माफिया मास्टरमाइंड चलाता था गिरोह
10 जनवरी को एसटीएफ ने फर्जी डॉक्टर प्रकरण का खुलासा किया था। इसके बाद तीन फरवरी को एसटीएफ ने प्रकरण के मास्टरमाइंड इमलाख को गिरफ्तार किया था। पुलिस अब तक इस मामले में 12 फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार किए हैं।

फर्जी डॉक्टर और डिग्री प्रकरण में विदेशी कनेक्शन सामने आया है। जिसके बाद अब पुलिस हर एंगल पर जांच कर रही है। फर्जी डॉक्टर और डिग्री प्रकरण में मास्टरमाइंड इमलाख पुलिस के गिरफ्त में है। जिससे पुलिस लगातार इस मामले में पूछताछ कर रही है। पुलिस जानकारी में अब तक ये बात सामने आई है कि ये गिरोह यूपी, दिल्ली, बिहार, राजस्थान से लेकर यूक्रेन तक फैला हुआ है। पुलिस अब तक इस मामले में 12 फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार किए हैं।
तीन फरवरी को मास्टरमाइंड इमलाख को गिरफ्तार किया
10 जनवरी को एसटीएफ ने फर्जी डॉक्टर प्रकरण का खुलासा किया था। इसके बाद तीन फरवरी को एसटीएफ ने प्रकरण के मास्टरमाइंड इमलाख को गिरफ्तार किया था। जिसे जिला पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस जब इमलाख को रिमांड पर मुजफ्फरनगर स्थित बाबा ग्रुप ऑफ कॉलेज और उसके बताए अड्डों पर लेकर गई तो वहां फर्जी डिग्रियां, लेटर पैड, 51 मुहर बरामद हुईं। उसके पास से दिल्ली, बिहार, राजस्थान, यूपी, ओडिसा के विभिन्न कॉलेजों, स्कूलों की फर्जी डिग्रियां मिली हैं। वहीं, यूक्रेन के कॉलेजों की एमबीबीएस की डिग्रियाें के साथ वहां के चिकित्सा परिषद के प्रमाण पत्र भी मिले हैं। इमलाख के विदेश कनेक्शन को देखते हुए अब पुलिस उसके पासपोर्ट की जांच करेगी। पुलिस अब यूक्रेन के अलावा अन्य देशों में भी इमलाख के कनेक्शन खंगालेगी। फर्जी डॉक्टर डिग्री मामले में उत्तराखंड चिकित्सा परिषद के तीन कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद अब परिषद के दो पूर्व डायरेक्टर भी पुलिस के रडार पर हैं।
फर्जी डिग्री वाले आयुर्वेदिक चिकित्सकों के गिरोह का भंडाफोड़
एसटीएफ ने उत्तराखण्ड में प्रैक्टिस कर रहे बीएएमएस की फर्जी डिग्री वाले आयुर्वेदिक चिकित्सकों के गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ की जांच में आर्युवेदिक डॉक्टरों के फर्जीवाड़ा में करीब 36 डॉक्टरों को चिन्हित किया गया था तथा जांच में प्रकाश में आया था कि आयुर्वेदिक चिकित्सकों की फर्जी डिग्री राजीव गांधी हेल्थ एण्ड साईंस यूर्निवसिटी कर्नाटका के नाम से बाबा ग्रुप ऑफ काॅलेज मुजफफरनगर के मालिक इमरान और इमलाख द्वारा तैयार की गयी थी। जिसको लेकर थाना नेहरूकालोनी देहरादून में मुकदमा एसटीएफ की ओर से दर्ज कराया गया था।एसटीएफ ने शुरूवात में दो फर्जी चिकित्सकों प्रीतम सिंह एवं मनीष अली को गिरप्तार किया गया था और पूर्व में एसटीएफ की टीम द्वारा बाबा ग्रुप आफ काॅलेज मुजफ्फरनगर से इमरान को काॅलेज से ही गिरप्तार किया गया, जिसके कब्जे से एसटीएफ को कई राज्यों की युनिर्वसिटियों की फर्जी ब्लैंक डिग्रियां, फर्जी मुद्राएं एवं फर्जी पेपर एवं कई अन्य कूट रचित दस्तावेज बरामद हुए थे।
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8 से 10 लाख रुपए में फर्जी डिग्री का सौदा
जांच में गिरोह के मास्टरमाइंड इमलाख के बारे में जानकारी मिली। इमलाख कोतवाली मुजफफरनगर का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है। जिसने अपने भाई इमरान के साथ बरला थाना क्षेत्र मुजफ्फरनगर में बाबा ग्रुप ऑफ काॅलेज के नाम से मेडिकल डिग्री काॅलेज भी खोला हुआ है जो कि बीफार्मा,बीए, बीएससी, आदि के कोर्स संचालित करता है। ये गिरोह 8 से 10 लाख रुपए में फर्जी डिग्री का सौदा कर देते थे। पुलिस को इमलाख के दूसरे राज्यों के अलावा विदेशी कनेक्शन के बारे में जानकारी हाथ लगी है।












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