धामी मंत्रिमंडल का विस्तार और फेरबदल तय! CM के दिल्ली दौरे और भाजपा संगठन के बयानों से सियासी हलचल तेज
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिल्ली दौरे से लौटने के बाद एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा तेज हो गई है। इस बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और सांसद अनिल बलूनी के बयानों के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि होली के आसपास कभी भी धामी मंत्रिमंडल का विस्तार और फेरबदल हो जाएगा।
पीएम मोदी के मुखबा हर्षिल दौरे से लौटते ही सीएम धामी भी दिल्ली पहुंच गए। सीएम धामी दिल्ली में एक दिन रूके और केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात के बाद देहरादून लौट आए। ऐसे में माना जा रहा है कि सीएम धामी ने दिल्ली में हाईकमान से मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार को लेकर चर्चा की है।

साथ ही सीएम धामी को केंद्रीय हाईकमान से हरी झंडी भी मिल गई है। अब कभी भी विस्तार हो सकता है। जिसके लिए होली तक का इंतजार करना पड़ सकता है। वर्तमान में धामी मंत्रिमंडल में चार सीटें रिक्त हैं। ऐसे में चार विधायकों की लॉटरी लग सकती है। इसके अलावा दो से तीन मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है। संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के सदन में दिए बयान के बाद से पार्टी काफी असहज हुई है।
जिसके बाद से मंत्री को लेकर काफी विरोध और बवाल जारी है। ऐसे में अग्रवाल को हटाने की भी चर्चा है। हालांकि इसको लेकर हाईकमान ही निर्णय लेगा। सीएम धामी के दिल्ली दौरे को लेकर एक बार फिर प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कैबिनेट विस्तार की चर्चा से जोड़ते हुए संकेत दिए कि सीएम धामी को ही अंतिम निर्णय लेना है।
इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी और सांसद अनिल बलूनी के अग्रवाल प्रकरण को लेकर दिए बयान से सियासी हलचल तेज हो गई है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के मामले में कहा कि यह विषय बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और पीड़ादायक रहा है।
उन्होंने कहा वह पार्टी के मुख्य प्रवक्ता है, उनकी मर्यादाएं हैं बोलने की, सब चीज को लेकर मेरे पास बोलने के लिए उचित पलटेफ़ार्म है। मैने पार्टी पलेटफ़ार्म पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर दिया है। अनिल बलूनी के इस बयान के बाद ये माना जा रहा है कि प्रेमचंद अग्रवाल पर गाज गिरनी तय है।
वर्तमान में मंत्रिमंडल में चार मंत्री पद रिक्त हैं। उत्तराखंड सरकार में कुल 12 मंत्री बनाए जा सकते हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री सहित अभी 8 मंत्री हैं। जिन मंत्रियों के कामकाज में फेरबदल को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें देहरादून के दो मंत्री और एक पौड़ी जिले के बताए जा रहे हैं।
इसके अलावा जिन विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल करने को लेकर चर्चा है, उनमें गढ़वाल और कुमांउ से दो दो चेहरे बताए जा रहे हैं। इसके अलावा युवा और महिला विधायकों के साथ ही जातिवाद और क्षेत्रवाद को लेकर भी संतुलन बनाया जाएगा। इसके अलावा मंत्रिमंडल से एक से दो चेहरों की छुट्टी भी हो सकती है।












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