उत्तराखंड कांग्रेस में कलह, नए चेहरों की ताजपोशी के बीच सीएम से मिले प्रीतम सिंह, तलाशे जा रहे सियासी मायने
कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह की सीएम पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात
देहरादून, 11 अप्रैल। उत्तराखंड कांग्रेस में एक बार फिर नए चेहरों की ताजपोशी के बाद सबकुछ ठीकठाक नहीं चल रहा है। रविवार को कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और उप नेता प्रतिपक्ष के नामों का ऐलान किया तो प्रीतम सिंह खेमा खुलकर इसका विरोध करने लगे हैं। प्रीतम सिंह के समर्थन में कई पदाधिकारियों और उनके समर्थकों ने पार्टी के पदों से इस्तीफा सौंप दिया है। इधर हाईकमान के नामों का ऐलान होते ही प्रीतम सिंह की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात हुई है। जिसके सियासी मायने तलाशे जाने लगे हैं।

हाईकमान ने गुटबाजी के चलते किया किनारे
प्रदेश कांग्रेस में चुनाव के दौरान प्रीतम सिंह और हरीश रावत खेमा खुलकर एक दूसरे के खिलाफ जमकर हमलावर नजर आता रहा है। अब परिणाम आने के बाद दोनों खेमों में वर्चस्व की जंग भी नजर आ रही है। इस बीच खबर ये भी है कि हाईकमान ने खुद प्रीतम सिंह से हार के कारणों का जिक्र करते हुए हार के लिए गुटबाजी का जिक्र किया है। जिसमें उनको भी इंगित किया गया है। जिस वजह से नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी उनके हाथ से निकल गई है। जिसके बाद एक बार फिर कांग्रेस में कलह खुलकर सामने आ चुकी है। कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश अध्यक्ष पर करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष पर यशपाल आर्य और उप नेता प्रतिपक्ष पर भुवन कापड़ी को लेकर दोनों नेताओं को आईना दिखाने का काम किया है। हालांकि इसके बाद से ही दोनों नेताओं की नाराजगी की तस्वीरें भी सामने आने लगी है। हरीश रावत तो नए प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा से मिलने के बाद मीडिया के सवालों से भी बचते नजर आए। पारिवारिक नजदीकियां होने के बाद भी दोनों में कई समय से दूरियां बनी हुई है। इसका असर दोनों के राजनीतिक संबंधों में भी नजर आए। हर समय मीडिया से खुलकर बात करने वाले हरीश रावत ने आज नो कमेंट कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष को लेकर प्रीतम खेमा खुलकर जता रहा नाराजगी
इधर सबसे ज्यादा नाराजगी नेता प्रतिपक्ष को लेकर बताई जा रही है। प्रीतम सिंह खेमा इस पद को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त बताया जा रहा था। लेकिन अचानक से हाईकमान ने हाल ही में भाजपा से वापसी करने वाले यशपाल आर्य को अहम जिम्मेदारी सौंप दी। जिससे प्रीतम सिंह भी नाराज बताए जा रहे हैं। जिसके बाद से उनके समर्थक भी खुलकर सोशल मीडिया में नाराजगी जता रहे हैं। इसमें गढ़वाल की भी नजरअंदाजी करने का जिक्र किया जा रहा है। इधर हाईकमान ने जैसे ही नेता प्रतिपक्ष के नाम का ऐलान किया उधर नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह मुख्यमंत्री से मुलाकात करने पहुंचे। जिसके बाद सोशल मीडिया में भी प्रीतम सिंह के भाजपा से नजदीकियां होने को लेकर कई तरह की बातें भी उड़ने लगी है। हालांकि प्रीतम सिंह ने इस मुलाकात को औपचारिक और पूर्व से ही निर्धारित बताया है। लेकिन प्रीतम सिंह मीडिया के सामने खुलकर हाईकमान से अपनी नाराजगी का जिक्र कर रहे है। प्रीतम सिंह का कहना है कि हाईकमान को ये फीडबैक दिया गया है कि प्रदेश में कांग्रेस की हार गुटबाजी की वजह से हुआ है, जिसमें उनको भी इंगित किया गया है। ऐसे में वे पार्टी हाईकमान से इसकी जांच की मांग कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि जब तक इसकी जांच नहीं हो जाती वे पार्टी में कोई भी पद नहीं लेंगे।












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