धामी.2 सरकार के इन मंत्री के एक्शन को लेकर हो रहे चर्चे, जानिए विभागों में चली आ रही किस परंपरा को किया खत्म

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कर्मचारियों के अटैचमेंट निरस्त किए

देहरादून, 11 अप्रैल। धामी सरकार के मंत्री अपने विभागों में पूरी तरह से एक्शन मोड में काम करने में जुटे हैं। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सालों से अटैचमेंट के नाम पर सुगम क्षेत्रों में डटे कर्मचारियों को मूल तैनाती पर भेज कर साफ संकेत दिए हैं कि अब कर्मचारियों को विजन के हिसाब से काम कर फीडबैक देना होगा। जिससे आम जनता की समस्याओं के समाधान में किसी तरह की परेशानी न आए।

 Dhami.2 Discussions are taking place about the strict action of these ministers of the government, know which tradition is being ended in the departments

45 से ज्यादा अफसर-कर्मचारियों के अटैचमेंट निरस्त

धामी.2 सरकार के मंत्री अधिकारियों और कर्मचारियों के पेंच कसने में जुटे हैं। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने विभागीय समीक्षा बैठक में पहले दिन ही अपना रुख साफ कर दिया था, कि अटैचमेंट के नाम पर किसी को राहत नहीं दी जाएगी। इसके बाद कृषि मंत्री गणेश जोशी ने 45 से ज्यादा अफसर-कर्मचारियों के अटैचमेंट निरस्त कर दिए हैं।मंत्री के निर्देश के चंद घंटे बाद ही उद्यान निदेशक ने सभी अटैचमेंट निरस्त करते हुए कर्मियों को मूल तैनाती भेजने का आदेश जारी कर दिया था। कृषि एवं ग्राम विकास मंत्री गणेश जोशी इस समय विभागीय कार्यप्रणाली को जन अपेक्षाओं के अनुरूप बनाने के लिए फ्रंटफुट पर बेटिंग कर रहे हैं। अपने अधीन विभागों में उनके द्वारा सभी अटैचमेंट समाप्त कर दिए गए हैं। पहले उद्यान विभाग, फिर कृषि विभाग और अब ग्राम विकास विभाग में भी तत्काल प्रभाव से कर्मचारियों और अधिकारियों के शासन स्तर, आयुक्त स्तर तथा जनपद स्तर से सभी अटैचमेंट तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं। मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य की जनता ने धामी सरकार को सुशासन और सरकार जनता के द्वार की फीलिंग के साथ जनादेश दिया है। कार्मिकों को भी देहरादून में रहने की प्रवृत्ति से बाज आना होगा। मुख्यमंत्री पहले ही अधिकारियों को ताकीद कर चुके हैं कि तहसील स्तर के काम जिला मुख्यालय और जिलों के काम राजधानी तक नहीं आने चाहिए। अगर अधिकारी कर्मचारी देहरादून में ही पड़े रहेंगे तो क्षेत्र में काम कैसे होगा।

मंत्रियों के एक्शन से हड़कंप

कृषि मंत्री से पहले परिवहन एवं समाज कल्याण मंत्री चंदन राम दास और वन मंत्री सुूबोध उनियाल भी अपने काम करने के तरीके से अपने- अपने विभागों में हड़कंप मचा चुके हैं। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने ऐसे अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति की फाइल सीएम आवास भेजी है, जिन पर भ्रष्ट्राचार का आरोप लगा है। इसके बाद से अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। इसके अलावा परिवहन मंत्री चंदन राम दास ने बिना उनसे राय लिए डिपो के एकीकरण की फाइल को रोकने के आदेश देकर साफ किया कि अधिकारियों की अब किसी भी सूरत में मनमानी नहीं चलेगी। इससे पहले खुद सीएम भी अधिकारियों को समय पर कार्यालय आने और मन लगाकर काम करने की हिदायत दे चुके हैं। जिससे साफ है कि आने वाले दिनों में अब प्रदेश में नौकरशाही पर लगाम लगाने को पूरी सरकार बैटिंग करने मेंं जुटी हुई है।

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