Dehradun news: करोड़ों की डकैती का मास्टरमाइंड बिहार से गिरफ्तार, जेल से चल रहे गैंग का टारगेट सोने की डकैती
Dehradun news: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में रिलायंस शोरूम में हुई करोड़ों की डकैती प्रकरण में घटना के मास्टरमाइंड को देहरादून पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार किया है। घटना के मास्टरमाइंड मुख्य आरोपी 25 वर्षीय शशांक को कल देर रात्रि पटना बिहार से पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

पुलिस को आरोपी शशांक ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया गया कि उसने सुबोध सिंह के साथ मिलकर वर्ष 2016 में बैरकपुर पश्चिम बंगाल में मणिपुरम गोल्ड शॉप में करीब 28 किलो सोने की डकैती व वर्ष 2017 में आसनसोल पश्चिम बंगाल में मुथूट फाइनेंस ब्रांच में करीब 55 किलो सोने की डकैती साथ में मिलकर करी थी, उक्त घटनाओं के बाद शशांक अलग से जेल से अपना गैंग संचालित किया करता है।
दून पुलिस ने आरोपी को पटना न्यायालय में पेश किया जहां से आरोपी को 3 दिन की ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाया जा रहा है। इस डकैती प्रकरण में पूर्व में 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। बीते 9 नवंबर को रिलायंस ज्वैलरी शोरूम में हुई डकैती प्रकरण में दून पुलिस द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए डकैती घटना के मास्टरमाइंड शशांक को देर रात्रि पटना बेऊर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।
आरोपी द्वारा बेऊर जेल से ही पूरी डकैती की घटना की साजिश रची गई थी और घटना में शामिल आरोपियों को घटना से पूर्व वाहन, अस्लहे और अन्य सामान उपलब्ध करवाये थे। मीडिया रिपोर्ट्स में अब तक ये माना जा रहा है कि ये डकैती करीब 14 करोड़ की रही होगी।
बता दें कि अब तक दून पुलिस ने डकैती केस में इस बात का खुलासा किया है बिहार जेल में बंद शशांक और सुबोध के कहने पर प्रिंस ने साथी अभिषेक, विक्रम, राहुल व अविनाश के साथ मिलकर डकैती की। घटना के लिए 31 अक्तूबर को पांचों बिहार से यहां आ गए और सेलाकुइ में किराये पर रहे। यहीं से उन्होंने पूरे रास्तों की रेकी की थी।
नौ नवंबर को डकैती डालने के बाद लूटी गई ज्वेलरी से भरे बैग को राहुल और अविनाश की मोटरसाइकिल में रखवाकर सहसपुर क्षेत्र में पहुंचे। पुलिस चेकिंग होने के कारण घटना में शामिल कार और दोनों बाइक वहीं जंगल में छोड़कर प्रिंस ई-रिक्शा से पोंटा साहिब चला गया। पोंटा साहिब से राहुल और अविनाश ज्वेलरी लेकर चले गए। विक्रम और अभिषेक अलग-अलग माध्यमों से बिहार पहुंच गए। घटना को अंजाम देने की पूरी योजना चरणबद्ध तरीके से शशांक और सुबोध की ओर से व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों से आरोपियों को दी जा रही थी।












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