Uttarakhand राहत की खबर, इस साल दिवाली में आतिशबाजी के कारण दून समेत कई जिलों में कम रहा प्रदूषण का स्तर
देहरादून में पिछले साल की तुलना में एयर क्वालिटी इंडेक्स कम
दिवाली पर आतिशबाजी के कारण हर साल वायु प्रदूषण अधिक होने का खतरा बढ़ता है। लेकिन इस बार देहरादून में पिछले साल की तुलना में एयर क्वालिटी इंडेक्स कम रहा है। जो कि थोड़ा राहत की खबर जरूर है। ये माना जा रहा है कि प्रदूषण को लेकर लोग पहले से ज्यादा जागरूक हो रहे हैं। जो कि अभी और ज्यादा करने की आवश्यकता है।

काशीपुर में एक्यूआई का स्तर सबसे ज्यादा 249
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एयर क्वालिटी इंडेक्स निकालने के लिए पीएम10, पीएम 2.5 एसओटू एनओएक्स पैरामीटर पर वायु की गुणवत्ता की निगरानी की गई। काशीपुर में एक्यूआई का स्तर सबसे ज्यादा 249, उसके बाद देहरादून में 247, रुप्रदपुर में 240 दर्ज किया गया। ऋषिकेश में 236, हल्द्वानी में 227 और हरिद्वार में 223 एक्यूआई दर्ज किया गया।
पिछले साल राजधानी में प्रदूषण के स्तर का आंकड़ा 327 पार कर गया
साल 2020 में दिवाली के दिन हुई आतिशबाजी से दून में एक्यूआई 317 दर्ज किया गया था। इस साल देहरादून में 247 एक्यूआई दर्ज किया गया है, जो कि पिछले साल राजधानी में प्रदूषण के स्तर का आंकड़ा 327 पार कर गया था। हरिद्वार में साल 2020 में एक्यूआई 352 और साल 2021 में 321 तक पहुंच गया था, जबकि इस साल एयर क्वालिटी इंडेक्स मात्र 223 दर्ज किया गया। काशीपुर शहर में साल 2020 में दिवाली पर हुई आतिशबाजी के बाद एयर क्वालिटी इंडेक्स 314 दर्ज किया गया था, जबकि साल 2021 में 263 और इस साल 249 दर्ज किया गया है।
इस साल काशीपुर में वायु की गुणवत्ता एक्यूआई का स्तर सबसे ज्यादा 249 उसके बाद देहरादून में 247 रुद्रपुर में 240 दर्ज किया गया। ऋषिकेश में 236 हल्द्वानी में 227 और हरिद्वार में 223 एक्यूआई दर्ज किया गया।
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से प्रदूषण स्तर को लेकर जो आंकड़े जारी किए गएए उससे साबित होता है कि इस साल दिवाली पर दून के साथ ही ऋषिकेश, हरिद्वार, काशीपुर रुद्रपुर समेत ज्यादातर शहरों में थोड़ी कम आतिशबाजी की गई।
छोटी दिवाली और मुख्य पर्व पर हुई आतिशबाजी से प्रदूषण का स्तर औसतन दोगुने पर
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक दिवाली से एक दिन पहले छोटी दिवाली पर हुई आतिशबाजी और मुख्य पर्व पर हुई आतिशबाजी से ज्यादातर शहरों में प्रदूषण का स्तर औसतन दोगुने पर पहुुंच गया। दिवाली से एक दिन पहले जहां दून में एक्यूआई 136 था वहीं सोमवार को 247 दर्ज किया गया। ऋषिकेश में 122 और 236 दर्ज किया गया। हरिद्वार में एक्यूआई 188 थाए जबकि दिवाली के दिन 223 पर पहुंच गया। काशीपुर में एक दिन पहले एक्यूआई 125 थाए जो दिवाली के दिन 249ए रुद्रपुर में 120 की जगह 240 एक्यूआई पहुंच गया।
एक्यूआई के मानक
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक शून्य लेकर 50 एक्यूआई स्तर को सेहत के लिए ठीक माना जाता है, जबकि 51 से लेकर 100 तक एक्यूआई संतोषजनक 101 से लेकर 200 तक एक्यूआई को मध्यम, 201 से लेकर 300 को खराबए 301 से लेकर 400 एक्यूआई स्तर को सेहत लिहाज से बेहद खराब और 401 से 500 तक एक्यूआई स्तर को सेहत के लिहाज से बेहद गंभीर माना जाता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कराए गई थर्ड पार्टी निगरानी में छह शहरों की सात जगहों पर एक्यूआई 200 से ऊपर मिला है, जो खराब स्तर दर्ज किया जाता है। प्रदूषण का स्तर बढ़ने से सांस के मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी।












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