Dehradun news: ग्राउंड जीरो पर डीएम,अतिवृष्टि से प्रभावित गांवों में कई किमी पैदल चलकर फोन पर मौके से ही एक्शन
Dehradun news एक हाथ में छाता, दूसरे हाथ में डंडा लेकर पैदल ही कई किमी तक देहरादून की डीएम सोनिका ग्राउंड जीरो पर आपदाग्रस्त क्षेत्रों में पहुंची।
डीएम ने मौके से ही अधिकारियों को फोन कर हालात को लेकर चर्चा की और जरुरी समस्याओं के तुरंत हल निकालने के निर्देश दिए।

देहरादून के रायपुर अन्तर्गत मालदेवता, सेरकी गांव तथा सिरलवालगढ में अतिवृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। इसकी सूचना मिलते ही जिलाधिकारी सोनिका सबसे पहले प्रभावित क्षेत्र मालदेवता एवं सेरकी गावं पंहुची जहां उन्होंने अतिवृष्टि से हुई क्षति का मुआवना करते हुए उपस्थित ग्रामीण से उनका हॉलचाल जाना।
साथ ही ग्रामीणों एवं सम्बन्धित अधिकारियों के साथ मौका मुआवना करते हुए गांव के उपरी छोर पंहुचे जहां पर सिंचाई विभाग द्वारा निर्मित चैकडॉम पंहुचे। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान उपस्थित उप जिलाधिकारी सदर, तहसीलदार को निर्देशित किया कि क्षति का मुआवना करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे, जबकि सिंचाई विभाग एवं सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क से मलबे की सफाई करते हुए पानी की निकासी करना सुनिश्चित करेंगे।
मालदेवता प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी सेरकी गांव पंहुची जहां उन्होने अतिवृष्टि से हुई क्षति का जायजा लेते हुए जहां उन्होंने अतिवृष्टि से हुई क्षति का जायजा लेते हुए, गांव के उपरी छोर पर पंहुची जहां पर से वर्षा के पानी से हुए नुकसान का निरीक्षण करते हुए सरेकी गावं पंहुचकर अतिवृष्टि से घरों में घुसे मलबा का अवलोकन करते हुए प्रभावित परिवारों का हॉलचाल जाना।
ग्रामीण महिलाओं ने जिलाधिकारी को वर्षा के दौरान गदेरे से आने वाले पानी की निकासी हेतु ठोस कार्यवाही करने का अनुरोध किया। जिस पर जिलाधिकारी ने मौके पर उपस्थित सिंचाई विभाग एवं सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि तटीय क्षेत्र से लेकर उपरी क्षेत्र तक पानी की निकासी हेतु कार्य किया जाए।
उन्होंने गदेरे से आए मलबे को युद्धस्तर पर कार्य करते हुए मलबा हटाने के निर्देश दिए ताकि आवासीय परिसर को किसी प्रकार का नुकशान न हो वहीं तहसीलदार को निर्देशित किया कि सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए वर्षा के दौरान निगरानी हेतु कार्मिक तैनात किया जाए साथ ही गांव हुई क्षति का आकलन करने तथा नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
इसके बाद में जिलाधिकारी सोनिका ने अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्र सिरवालगढ का निरीक्षण किया। जहां लगभग 02 किमी पैदल निरीक्षण करते हुए ग्रामीणों के साथ प्रत्येक स्थलों का जायजा लेते हुए गांव के उपरी छोर पंहुची, जहां से अतिवृष्टि के दौरान भू-कटाव हुआ तथा ग्रामीणों का खेत, रास्ता, नाले में बने सड़क के पुल के ठीक सामने से आए मलबा डम्प होने से नाले के पानी का रूख सड़क एवं आबादी, खेंतो की तरफ आया, जिससे सड़क एवं फसलों को क्षति हुई है। जिलाधिकारी ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को क्षेत्र में आवागमन की सुगम सुविधा बनाने हेतु युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए।












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