उत्तराखंड में डेंगू का कहर, स्वास्थ्य सचिव ने रक्तदान कर पेश की मिसाल, प्लेटलेट्स को लेकर दिए जरूरी निर्देश
उत्तराखंड में डेंगू का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। सबसे ज्यादा डेंगू का प्रकोप देहरादून में देखने को मिल रहा है। ऐसे में सरकारी सिस्टम पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है।
उत्तराखंड में डेंगू का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। सबसे ज्यादा डेंगू का प्रकोप देहरादून में देखने को मिल रहा है। ऐसे में सरकारी सिस्टम पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। डेंगू के प्रकोप के बीच सबसे ज्यादा प्लेटलेट्स की डिमांड बढ़ रही है। इस बीच उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने रक्तदान कर सभी के सामने मिसाल पेश की है। सचिव ने जनता से स्वैच्छिक रक्तदान कर मरीजों को जिंदगी बचाने के लिए आगे आने की अपील की है।

देहरादून समेत प्रदेशभर में डेंगू और वायरल संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा होने के बाद से ब्लड बैंकों में खून की मांग पहले के मुकाबले लगातार बढ़ने लगी है। आम दिनों के मुकाबले ब्लड बैंक में आजकल ज्यादा ब्लड डोनरों की आवश्यकता पड़ रही है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार लगातार आम जनमानस से स्वैच्छिक रक्तदान की अपील कर रहे हैं। इसकी शुरूआत सचिव ने खुद रक्तदान कर की है।
सचिव ने अधिकारियों को डेंगू से लड़ने को जरुरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी वार्डों में नियमित रूप से फागिंग करने के निर्देश दिए और साथ ही ऐसे क्षेत्र जहां डेंगू के रोगी मिल रहे हैं वहां युद्ध स्तर पर डेंगू निरोधात्मक कार्यवाही, फॉगिंग और लार्वी साइड छिड़कने के निर्देश दिए। सचिव स्वास्थ्य ने राजकीय मेडिकल कॉलेज देहरादून के विशेषज्ञ चिकित्सकों के सहयोग से डेंगू रोग के मानक उपचार हेतु दिशा निर्देश जारी किए।
निर्देशों के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों ने यह बताया कि हर डेंगू रोगी में प्लेटलेट्स की आवश्यकता नहीं होती है व प्लेटलेट्स को लेकर किसी भी प्रकार के पैनिक की आवश्यकता नहीं है। प्लेटलेट्स की संख्या 10 हजार से कम होने पर ही या अन्य किसी चिकित्सकीय कारण के होने पर ही रोगी को प्लेटलेट देने की आवश्यकता होती है अन्यथा पूर्ण आराम वा प्रचुर मात्रा में तरल पेय पदार्थ के सेवन से रोगी स्वत ही ठीक होने लगते हैं।
सचिव स्वास्थ्य द्वारा सभी गैर सरकारी संस्थाओं से यह अपेक्षा की गई वह लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करें और डेंगु व अन्य बीमारियों के लिए जन जागरूकता का अभियान चलाने के लिए प्रयास किया जाए क्योंकि बिना जनसहभागिता के कोई भी कार्य संभव नहीं होता। बताया गया कि देहरादून में प्लेटलेट निकालने की सुविधा 06 रक्तकोशों में उपलब्ध है। इस सम्बंध में सचिव स्वास्थ्य द्वारा सभी अधिकारियों को यह निर्देशित किया गया कि निजी चिकित्सालय एवं चिकित्सक प्लेटलेट संख्या 20 हजार से से कम आने पर ही प्लेटलेट एफरेसिस या जम्बो पैक के लिए कहे।












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