Dehradun: 100 साल पुरानी इनामुल्लाह बिल्डिंग का हिस्सा टूटेगा, 400 मीटर लंबी इमारत है बेहतरीन कारीगरी की मिसाल
देहरादून में आढ़त बाजार से तहसील चौक तक करीब डेढ़ किमी सड़क को चौड़ा किया जा रहा है। 356 भवनों को चिह्रित किया गया है। जिसमें इनामुल्लाह बिल्डिंग भी शामिल है। सड़क चौड़ीकरण के लिए बिल्डिंग के आगे का हिस्सा तोड़ा जाएगा।

देहरादून में ऐतिहासिक करीब 100 साल पुरानी इनामुल्लाह बिल्डिंग का एक हिस्सा सड़क चौड़ीकरण के लिए तोड़ा जाएगा। सहारनपुर चौक से तहसील चौक तक सड़क चौड़ीकरण को लेकर हुए सर्वे में इनामुल्लाह बिल्डिंग का करीब तीन मीटर हिस्सा अभिग्रहीत कर तोड़ा जाएगा। सालों से यहां रह रहे और कारोबार चला रहे परिवारों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। प्रशासन इन लोगों से वार्ता करने को तैयार है। इन लोगों को नई आढ़त मंडी में शिफ्ट करने की तैयारी है।
लोगों ने आपत्ति जताई
आढ़त बाजार से तहसील चौक तक करीब डेढ़ किमी सड़क को चौड़ा किया जा रहा है। इसमें 356 भवनों को चिह्रित किया गया है। जिसमें इनामुल्लाह बिल्डिंग भी शामिल है। सड़क चौड़ीकरण के लिए बिल्डिंग के आगे का हिस्सा तोड़ा जाएगा। लेकिन यहां के लोगों ने इसको लेकर आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि यहां तोड़ फोड़ नहीं करने दी जाएगी। साथ ही पुश्तैनी दुकानें तोड़कर नई मंडी नहीं जाएंगे। देहरादून की डीएम और एमडीडीए ने यहां के लोगों को बुलाया है।
इनामुल्लाह बिल्डिंग, 106 वर्षों से एक लंबा इतिहास
देहरादून के मुख्य बाजारों और ऐतिहासिक इमारतों में इनामुल्लाह बिल्डिंग भी शामिल है। इस बिल्डिंग का करीब 106 वर्षों से एक लंबा इतिहास है। साल 1917 में ब्रिटिशकाल में देहरादून के इनामुल्लाह शेख ने एक 400 मीटर लंबी बिल्डिंग बनवाई थी। इसे उन्होंने गेस्ट हाउस के रूप में बनवाया था। इनामुल्लाह बिल्डिंग की खास बात यह है कि यह 400 मीटर लंबे एक ही लिंटर पर बनाई गई है। जिसमें सीमेंट का इस्तेमाल नहीं किया गया। बताया जाता है कि चने व उड़द की दाल से इमारत बनवाई गई। उनके नाम पर ही इस इमारत का नाम इनामुल्लाह बिल्डिंग पड़ गया। दो मंजिला इनामुल्लाह बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर कई दुकानें बना दी गई हैं। जो कि देहरादून के एक बड़े बाजार के रुप में जाना जाता है। बिल्डिंग में इनामुल्लाह शेख की चौथी पीढ़ी आज भी रहती है।












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