Corona Curfew in Uttarakhand: 25 मई तक फिर बढ़ाया गया कर्फ्यू, जानिए किसे मिलेगी छूट और क्या रहेगा बंद
देहरादून, मई 18: कोरोना वायरस महामारी के बढ़ते समक्रमण के चलते उत्तराखंड में हाहाकार मचा हुआ है। कोरोना के इस बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए प्रदेश के मुखिया तीरथ सिंह रावत सरकार ने कोरोना कर्फ्यू को 25 मई की सुबह 6 बजे तक बढ़ दिया है। हालांकि, इस दौरान पहले की तरफ ही जरूरी सेवाओं में छूट रहेगी। वहीं, शादियों में शामिल होने के लिए 72 घंटें पूर्व की आरटीपीसीआर रिपोर्ट को अनिवार्य कर दिया है। इतना ही नहीं, मेडिकल व अन्य इमरजेंसी काम पर जाने के लिए ई-पास जरूरी कर दिया है।

मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने बताया कि कोविड कर्फ्यू को नई शर्तों के साथ बढ़ाने की मंजूरी सोमवार की देर शाम प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ रावत ने दे दी है। बताया कि राज्य में संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए दूसरे चरण का कोविड कर्फ्यू का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। इमरजेंसी सेवाओं के साथ ही अंतिम शव यात्रा में शामिल होने वाले लोगों को ई-पास बनाने होंगे। तो वहीं, शादियों में 20 व्यक्ति ही शामिल होंगे, पर ऐसे सभी व्यक्तियों की 72 घंटें पूर्व की आरटीपीसीआर रिपोर्ट नेगेटिव होने चाहिए।
परचून की दुकानें 21 मई को 7 से 10 खुलेंगी
कोरोना कर्फ्यू के दौरान उत्तराखंड में इस सप्ताह परचून की दुकानें 21 मई को खुलेंगी। लेकिन परचून की दुकानों के खुलने का समय सुबह सात से 10 बजे तक कर दिया गया है, पहले दुकानें से सुबह 7 से 12 बजे तक खोली जा रही थीं। जबकि दूध, सब्जी व फलों की दुकानें कर्फ्यू के दौरान सुबह सात से दस बजे तक नियमित खुलेंगी। तो वहीं, सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानें पूरे सप्ताह सात बजे से 10 बजे तक खुली रहेंगी।
बाहर से आने पर आरटीपीसीआर नेगेटिव अनिवार्य
उत्तराखंड में बाहर के प्रांतों से आने वाले व्यक्तियों के लिए सरकार ने 72 घंटें पूर्व की आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य की है। इसके बिना राज्य की सीमाओं पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सभी संबंधित जिलों के डीएम व पुलिस कप्तानों को यह निर्देश दे दिए गए हैं।
बाहर जाने पर पंजीकरण जरूरी
कोई व्यक्ति देहरादून, हरिद्वार से कोटद्वार या फिर हल्द्वानी, नैनीताल से यूपी के रास्ते होते हुए उत्तराखंड आ रहे हैं तो अब उन्हें भी स्मार्ट सिटी के पोर्टल पर पंजीकरण कराना जरूरी होगा। इनमें से किसी व्यक्ति में कुछ दिन बाद यदि कोराना के लक्षण मिलते हैं तो इससे ट्रेसिंग में आसानी रहेगी।
अस्थि विसर्जन में चार लोगों को अनुमति
बाहर से कोई व्यक्ति यदि हरिद्वार अपने परिजनों के अस्थि विसर्जन के लिए आते हैं तो सिर्फ चार लोगों को ही आने की अनुमति रहेगी। इनके पास 72 घंटें पूर्व की आरटीपीसीर रिपोर्ट होनी भी जरूरी है। वाहनों में सीटों के 50 फीसदी क्षमता पर ही ये आ सकेंगे।












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