भाजपा पर पलटवार के लिए कांग्रेस ने बदली रणनीति, सॉफ्ट हिंदुत्व के बाद अब ये बना सियासी मुद्दा
भाजपा पर पलटवार के लिए कांग्रेस ने बदली रणनीति, सॉफ्ट हिंदुत्व के बाद अब महंगाई बना सियासी मुद्दा
देहरादून, 8 नवंबर। उत्तराखंड में कांग्रेस ने चुनाव से पहले भाजपा सरकार के खिलाफ हमला तेज कर दिया है। सॉफ्ट हिंदुत्व के मुद्दे पर भाजपा को घेरने के बाद अब कांग्रेस ने जनहित के मुद्दों को लेकर अपनी रणनीति बदल दी है। कांग्रेस अब महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरने में जुट गई है। कांग्रेस महंगाई के मुद्दे को चुनावी मुद्दा बनाकर आम आदमी से सीधे जुड़ने की कोशिश कर रही है।

अब की बार महंगाई से वार
त्यौहारी सीजन में महंगाई से त्रस्त आम आदमी की परेशानी को भांपते ही कांग्रेस ने चुनावी रणनीति बदल दी है। लगातार सॉफ्ट हिंदुत्व के मुद्दे पर भाजपा को फॉलो कर साधु संतों के आशीर्वाद, मंदिरों में पूजा अर्चना कर भाजपा की रणनीती पर पलटवार में जुटी कांग्रेस अब महंगाई को चुनावी मुद्दा बना रही है। कांग्रेस ने देश में डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के विरोध में प्रदेशभर में पेट्रोल पंपों पर धरना प्रदर्शन भी किया। देहरादून में पेट्रोल पंप के बाहर धरना दे रहे पूर्व सीएम हरीश रावत प्रदेश सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर सरकार ने पहले लूटा और फिर लूटे हुए धन को लोगों में बांट दिया। कहा कि इस बार आगामी विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड में भाजपा का सूपड़ा साफ हो जाएगा। हरीश रावत ने सिलेंडर सिर पर उठाकर भी प्रदर्शन किया। साफ है कि अब महंगाई का मुद्दा बड़ा सियासी मुद्दा बनता जा रहा है।
कांग्रेस के लिए महंगाई बडा हथियार
जब से उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की आहट हुई हैा तब से इस बार कांग्रेस साॅफ्ट हिंदुत्व के मुद्दे पर भाजपा को घेरने में जुटी हैा कांग्रेस भाजपा के कैडर वोट पर ही सीधे वार करना चाहती हैा जिसके लिए गणेश अवतार और श्री गणेश का नारा भी बुलंद किया गयाा शिवालयों में जलाभिषेक से लेकर साधु संतो का कांंग्रेस आशीर्वाद लेने में जुटी हैा इस बीच उपचुनाव के रिजल्ट से कांग्रेस को ये एहसास भी करा दिया कि महंगाई का मुद्दा आम आदमी से जुड़ा मुद्दा है। जिससे चुनाव में सियासी लाभ लिया जा सकता है। हिमाचल सहित राज्यों में हुए उपचुनाव में जिस तरह भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा। उससे कांग्रेस को चुनाव से पहले नई संजीवनी मिली है। खुद हिमाचल के सीएम ने भी महंगाई को बड़ा कारण माना था। अब भाजपा शासित राज्यों में कांग्रेस महंगाई के मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतर चुकी है। जो कि चुनाव में भाजपा के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर सकता है।
तेल और सिलेंडर हिला सकती है कुर्सी
आम चुनावों में हमेशा महंगाई हार जीत का कारण बनता है। इस बार पेट्रोल, डीजल, खाद्य तेल और सिलेंडर के दामों ने आम आदमी का बजट गड़बड़ा दिया है। बाजारों में त्यौहारों में रौनक तो दिखे लेकिन खरीददार नहीं
नजर आए। महंगाई की मार से हर कोई परेशान है। आम पब्लिक भी मीडिया के कैमरों के सामने अपना विरोध दर्ज करा रही है। जिसका खामियाजा सरकारों के झेलना पड़ सकता है। उपचुनाव में भाजपा की हार हुई तो पेट्रोल, डीजल के दाम गिरने लगे। लेकिन अब चुनाव में कांग्रेस इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने लगी है। पहले प्याज ने सरकार हिलाई अब तेल और सिलेंडर के दाम कुर्सी हिलाने की तैयारी में है।












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