Cockroach Janata Party Protest: अमेरिका से भारत रवाना हुए अभिजीत दीपके, जंतर-मंतर पर जुटेगी भीड़ या निकलेगा दम
Cockroach Janata Party Protest: सोशल मीडिया पर मजाक-मजाक में शुरू हुई एक पार्टी अब राजनीतिक चर्चा का बड़ा विषय बनती जा रही है। इस समय पूरे देश की नजरें 6 जून को होने वाले घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं, क्योंकि दीपके अपने लाखों समर्थकों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने जा रहे हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। दीपके अमेरिका से भारत के लिए रवाना हो चुके हैं और उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दिया है।

दीपके की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और उनके समर्थक इसे एक बड़े जन आंदोलन की शुरुआत के रूप में पेश कर रहे हैं। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि वह किस फ्लाइट से दिल्ली पहुंच रहे हैं और शनिवार सुबह किस समय इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरेंगे।
Abhijit Dipke India Return from US: 'जय भीम' का नारा और संविधान पर भरोसा
अभिजीत दीपके ने 5 जून को शाम 7:59 बजे अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक भावुक और विचारोत्तेजक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा-"भारत के लिए निकल गया हूँ। मैं अपना भाग्य संविधान के हाथों में छोड़ता हूं। जय भीम।"
इस पोस्ट के बाद से ही उनके समर्थकों और युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। हालांकि, सुरक्षा और रणनीतिक कारणों से अभी तक इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि दीपके किस फ्लाइट से आ रहे हैं और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर उनके लैंड करने का सटीक समय क्या है। लेकिन उनके स्वागत के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर भारी संख्या में युवाओं के जुटने की संभावना जताई जा रही है।
दिल्ली पहुंचते ही थाने जाने का दावा
अभिजीत दीपके ने कहा है कि भारत पहुंचने के बाद उनका पहला पड़ाव जंतर-मंतर नहीं बल्कि पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना होगा। उनके अनुसार, वे वहां जाकर प्रदर्शन की औपचारिक अनुमति मांगेंगे। गौरतलब है कि अब तक कॉकरोच जनता पार्टी या उसके प्रतिनिधियों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से आधिकारिक अनुमति प्राप्त नहीं की है। दीपके का कहना है कि वे संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं और इसके लिए कानून के दायरे में रहकर प्रक्रिया पूरी करेंगे।
समर्थकों से दिल्ली पहुंचने की अपील
सोशल मीडिया और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अभिजीत दीपके ने अपने समर्थकों और पार्टी के पंजीकृत सदस्यों से 6 जून को दिल्ली पहुंचने की अपील की है। उन्होंने दावा किया है कि बड़ी संख्या में लोग इस प्रदर्शन में शामिल होने वाले हैं।
एक इंटरव्यू में दीपके ने कहा कि प्रदर्शन में हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है, जबकि उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी पार्टी के 11 लाख से अधिक पंजीकृत सदस्य हैं। उनके अनुसार, कई सदस्यों ने उनसे संपर्क कर दिल्ली पहुंचने की पुष्टि की है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन सोशल मीडिया पर पार्टी से जुड़े हैशटैग और चर्चाएं लगातार ट्रेंड कर रही हैं।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा बताया जा रहा है। पार्टी का आरोप है कि नीट परीक्षा से जुड़े विवाद, कथित पेपर लीक और सीबीएसई परीक्षा परिणामों में अनियमितताओं के मुद्दों पर सरकार जवाबदेही तय करने में विफल रही है। इसी को लेकर पार्टी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है। दीपके और उनके समर्थकों का कहना है कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए यह प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है।
कैसे शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी?
कॉकरोच जनता पार्टी की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। दरअसल, इसकी शुरुआत सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया के रूप में हुई थी। बताया जाता है कि भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की एक टिप्पणी, जिसमें कथित तौर पर कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से किए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी थी, उसी के बाद कुछ लोगों ने मजाक-मजाक में "कॉकरोच जनता पार्टी" नाम से एक सोशल मीडिया हैंडल बना दिया।
शुरुआत में इसे केवल एक ऑनलाइन व्यंग्य अभियान माना गया, लेकिन कुछ ही दिनों में इसके फॉलोअर्स की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। समर्थकों का दावा है कि चार दिनों के भीतर इस प्लेटफॉर्म को इतनी लोकप्रियता मिली कि इसके फॉलोअर्स की संख्या कई स्थापित राजनीतिक दलों के सोशल मीडिया खातों से भी अधिक हो गई।
सोशल मीडिया से सड़क तक का सफर
अब यह समूह केवल ऑनलाइन गतिविधियों तक सीमित नहीं रहना चाहता। 6 जून का प्रस्तावित प्रदर्शन इस बात की परीक्षा माना जा रहा है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने वाला यह मंच वास्तविक दुनिया में कितना जनसमर्थन जुटा पाता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन में शामिल होते हैं तो यह देश में सोशल मीडिया आधारित नए राजनीतिक प्रयोगों के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है। वहीं यदि भीड़ अपेक्षा के अनुरूप नहीं जुटती है तो यह भी साफ हो जाएगा कि ऑनलाइन समर्थन और जमीनी राजनीति के बीच कितना बड़ा अंतर होता है।
6 जून पर टिकी देश की नजरें
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कॉकरोच जनता पार्टी का यह पहला बड़ा प्रदर्शन सफल होगा, क्या दिल्ली पुलिस इसकी अनुमति देगी और क्या अभिजीत दीपके अपने समर्थकों को जंतर-मंतर तक जुटा पाएंगे। इन सभी सवालों के जवाब 6 जून को मिलेंगे, लेकिन इतना तय है कि सोशल मीडिया पर जन्मी इस अनोखी राजनीतिक पहल ने देशभर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है और अब देश की नजरें 6 जून को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं।














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