दिल्ली में 15 लाख पेड़, 100 Oxygen पार्क और प्रदूषण पर प्लान! Environment Day पर CM रेखा गुप्ता ने किया वादा
World Environment Day 2026 (Delhi Green Mission): विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के मौके पर दिल्ली सरकार ने राजधानी को हराभरा बनाने के लिए एक बड़ा लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐलान किया कि इस साल दिल्ली में 15 लाख पेड़ और पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने 100 ऑक्सीजन पार्क विकसित करने के अपने विजन को भी दोहराया। फिलहाल 18 नमो ऑक्सीजन पार्क पर काम शुरू हो चुका है, जिसकी शुरुआत मैदानगढ़ी से की गई।
दिल्ली को ग्रीन बनाने का मेगा प्लान
विश्व पर्यावरण दिवस के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने 18 नमो वन पार्कों की शुरुआत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में सिर्फ पौधे लगाने की बात नहीं हो रही है, बल्कि उन्हें बचाने और विकसित करने की भी पूरी तैयारी की जा रही है। सरकार ने इस वर्ष 15 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है और इसकी प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि सरकार पौधे उपलब्ध कराएगी और लोगों को यह भी बताया जाएगा कि उन्हें कहां लगाया जा सकता है। लेकिन इस अभियान की असली ताकत दिल्ली के लोग होंगे, क्योंकि हर नागरिक की भागीदारी के बिना यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता।
18 से शुरुआत, लक्ष्य 100 ऑक्सीजन पार्क का
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि उन्होंने पहले दिल्ली में 100 ऑक्सीजन पार्क बनाने की बात कही थी। उसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए 18 नमो ऑक्सीजन पार्कों का निर्माण शुरू किया गया है। उनका मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच ऐसे पार्क दिल्ली को स्वच्छ हवा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि हर ऑक्सीजन पार्क के लिए स्थानीय स्तर पर एक देखरेख समिति बनाई जाए। जब आसपास के लोग खुद इन पार्कों की जिम्मेदारी लेंगे, तब पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और रखरखाव बेहतर तरीके से हो सकेगा।
एक पेड़ मां के नाम' से जुड़ने की अपील
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर हर व्यक्ति इस अभियान के तहत एक पौधा लगाता है, तो आने वाले वर्षों में दिल्ली का पर्यावरण काफी बेहतर हो सकता है।
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा करना हमारी संस्कृति और जीवनशैली का हिस्सा रहा है। इसलिए हर नागरिक को हरित और स्वच्छ दिल्ली के निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
प्रदूषण से निपटने के लिए क्या है सरकार की रणनीति?
रेखा गुप्ता ने यह भी संकेत दिया कि इस बार सरकार प्रदूषण के मौसम का इंतजार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदूषण से जुड़े मुद्दों पर पहले से तैयारी की जा रही है। राजधानी की सड़कों पर वॉल-टू-वॉल कार्पेटिंग की योजना बनाई गई है, जिससे धूल कम होगी और वायु गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी। दरअसल दिल्ली में धूल प्रदूषण लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रहा है। ऐसे में सड़क सुधार और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण को सरकार प्रदूषण नियंत्रण की रणनीति का अहम हिस्सा मान रही है।
हरित दिल्ली का लक्ष्य सिर्फ सरकार का नहीं
इस पूरे अभियान का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही है कि सिर्फ सरकारी योजनाओं से पर्यावरण नहीं सुधरता। जब स्थानीय समुदाय, निवासी और युवा इसमें सक्रिय रूप से भाग लेते हैं, तभी ऐसे अभियान लंबे समय तक सफल रहते हैं। 15 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य और 100 ऑक्सीजन पार्कों का विजन इसी सोच पर आधारित है कि दिल्ली को हराभरा बनाने की जिम्मेदारी सरकार और जनता दोनों की है। विश्व पर्यावरण दिवस पर शुरू हुआ यह अभियान आने वाले महीनों में दिल्ली के पर्यावरण और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।














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