उत्तराखंड में एग्जिट पोल के अनुमानों के बाद भी जारी है कन्फ्यूजन, एक्सपर्ट्स बोले— चौंकाने वाले होंगे परिणाम
एग्जिट पोल के अनुमानों पर वन इंडिया ने एक्सपर्ट्स से बातचीत
देहरादून, 8 मार्च। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले एग्जिट पोल के अनुमान ने सियासी दलों की टेंशन बढ़ा दी है। अलग- अलग एजेंसियों के एग्जिट पोल में अलग-अलग संभावनाएं जताई गई हैं। अधिकतर एजेंसियों ने उत्तराखंड में भाजपा की सरकार आने का अनुमान लगाया है। जबकि कुछ एग्जिट पोल कांग्रेस की सरकार आने का दावा कर रहे हैं। ऐसे में उत्तराखंड को लेकर एक बार फिर कन्फ्यूजन की स्थिति बन गई है।

एग्जिट पोल में नहीं दिखी एकराय
एबीपी सी-वोटर एग्जिट पोल में उत्तराखंड की 70 सीटों में से कांग्रेस 32 से 38 सीटें और भाजपा के खाते में 26 से 32 सीटें और आम आदमी पार्टी को 2 सीटों पर जीत मिल सकती है। 3 सीटों पर अन्य उम्मीदवार जीत दर्ज कर सकते हैं। इस तरह से कांग्रेस की सरकार बनती हुई नजर आ रही है। टाइम्स नाउ के एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी के खाते में 37 सीटें मिलती दिख सकती है। वहीं कांग्रेस को 31 सीटे मिल सकती है। जबकि आम आदमी पार्टी के खाते में 1 सीटें मिलती दिख रही है तो अन्य के खाते में 1 सीटे मिलती दिख रही है। उत्तराखंड में बीजेपी की सरकार वापस आ रही है। जनकी बात एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी फिर से सत्ता में रिटर्न होगी। रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड की 70 सीटों में से 32 से 41 सीटें मिलती नजर आ रही है, जबकि कांग्रेस को 27 से 35 सीटें, बीएसपी को 1 सीट, आप को एक सीट और अन्य को 3 सीटें मिलती दिखाई दे रही हैं। इस तरह 17 एग्जिट पोल के अनुमान के हिसाब से 8 में भाजपा तो 7 में कांग्रेस की सरकार बनती हुई दिखाई गई है। ऐसे में एग्जिट पोल के अनुमानों ने प्रदेश की सियासत को एक बार फिर गरमा दिया है।
एग्जिट पोल की विश्वसनीयता पर एक्सपर्ट्स ने खड़े किए सवाल
एग्जिट पोल के अब तक के सामने आए अनुमानों पर वन इंडिया ने उत्तराखंड के वरिष्ठ पत्रकार जय सिंह रावत और एसडीसी फाउंडेशन के संस्थापक और अध्यक्ष अनूप नौटियाल से बातचीत की। वरिष्ठ पत्रकार जय सिंह रावत ने एग्जिट पोल के अनुमानों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि एजेंसियों के मत में बहुत ज्यादा अंतर आना एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। जय सिंह रावत ने कहा है कि उत्तराखंड में कई पोलिंग बूथ दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में हैं, जहां तक एजेंसियों के सर्वे की टीम का पहुंचना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि इस तरह के एग्जिट पोल है या ये एग्जेक्ट पोल हैं इस पर संशय है। एसडीसी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल ने एग्जिट पोल के अनुमानों पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इन पोल को एग्जिट पोल, एग्जेक्ट पोल या एस्टिमेटेड पोल कहा जाए। अनूप नौटियाल ने कहा कि एक एजेंसी के सर्वे में 10 सीटों के अंतर का अनुमान लगाना विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर रहा है। साथ ही अनूप नौटियाल ने एग्जिट पोल के सेंपलिंग पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने 2017 के एग्जिट पोल का उदाहरण देते हुए कहा कि 2017 में जो एग्जिट पोल के अनुमान थे, परिणाम उसके उलट रहे हैं। ऐसे में जब कई एजेंसी अपना अनुमान दिखा रहे हैं तो किसी एक एजेंसी का अनुमान सटीक बैठना तय है। चुनाव परिणामों को लेकर जय सिंह रावत का कहना है कि ये चुनाव कांग्रेस के लिए काफी अहम है। इससे पूरे देश की राजनीति पर फर्क पड़ना तय है। जय सिंह रावत ने इस चुनाव में मोदी की इमेज का असर दिखना और इसका चुनाव परिणाम पर असर दिखने की बात की है। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ मोदी के चेहरे के भरोसे ही सरकार बनाने की उम्मीद लगा रही है। अनूप नौटियाल का कहना है कि उनकी संस्था ने भी चुनाव में मुद्दों को लेकर जनता से फीडबैक लिया, जिसके आधार पर ये दावा किया जा सकता है कि जनता ने किस मुद्दे पर वोट किया है। उन्होंने कहा कि जनता ने रोजगार, स्वास्थ,शिक्षा, भू कानून, पलायन, भ्रष्ट्राचार, गैरसेंण, इन्फ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरण, महंगाई जैसे मुद्दों पर वोट दिया है। जिसका असर चुनाव परिणाम पर दिखना तय है।












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