Char Dham Yatra 2026 जल्द शुरू होंगे पंजीकरण, इस बार देना होगा शुल्क, जानिए कितना, कई नियमों में होंगे बदलाव
Char Dham Yatra 2026 उत्तराखंड की चार धाम यात्रा 2026 इस बार 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। राज्य सरकार तैयारियों में जुटी है। यात्रा के लिए पंजीकरण इस बार भी अनिवार्य होगा। लेकिन इस बार पंजीकरण के लिए शुल्क देना होगा। सरकार ने पंजीकरण में हो रहे फ्रॉड को देखते हुए ये निर्णय लिया है।
जल्द ही शुल्क का निर्धारण कर लिया जाएगा। इसके लिए अपर आयुक्त गढ़वाल की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। एक दो-दिन के भीतर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके साथ ही इस बार धामों में सीमित संख्या से श्रद्धालुओं को भेजने के नियम को हटा दिया है।

इस बार धामों में यात्रियों की लिमिट खत्म कर दी गई है। चार धाम स्टेक होल्डर्स से बातचीत के बाद सरकार ने ये आश्वासन दिया है। बता दें कि धामों में पंडा पुरोहितों और स्टेक होल्डर्स राज्य सरकार से श्रद्धालुओं की संख्या सीमिति करने का विरोध करते आ रहे हैं। राज्य सरकार ने कोविड के बाद ये निर्णय लिया था। जिसका काफी विरोध भी हुआ।
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय व आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने चारधाम के होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों, ट्रांसपोर्टरों और डंडी कंडी एसोेसिएशन के पदाधिकारियों के साथ यात्रा को लेकर सुझाव लिए और वार्ता की। इस दौरान तय किया गया कि फर्जी पंजीकरण रोकने के लिए न्यूनतम 10 रुपये शुल्क लगाया जाए। जल्द ही शासन से अनुमति मिलने के बाद शुल्क तय कर दिया जाएगा। इस दौरान होटल व्यवसायियों ने धामों में दर्शन के लिए यात्रियों की संख्या की वैधता खत्म करने की मांग की। जिस पर सरकार ने फिलहाल सहमति दी है।
अपर आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। समिति की संस्तुतियां प्राप्त होते ही एक-दो दिन के भीतर आवश्यक निर्णय लेते हुए चारधाम पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ करने का प्रयास किया जाएगा। आयुक्त ने कहा कि इस वर्ष यात्रियों की संख्या सीमित नहीं की जाएगी, हालांकि प्रत्येक यात्री के लिए पंजीकरण अनिवार्य रहेगा। साथ ही, पंजीकरण प्रक्रिया को सरल, सुगम एवं पारदर्शी बनाया जाएगा।
ऑनलाइन पंजीकरण के पहले होटल बुक कराने वाले यात्रियों का पंजीकरण प्राथमिकता से किया जाएगा। कोविड के बाद धामों में दर्शन और पंजीकरण के लिमिट तय किए गए थे। जिसके बाद दर्शन के लिए टोकन सिस्टम भी लागू किया गया। इसमें केदारनाथ में 18 हजार प्रतिदिन, बद्रीनाथ 20 हजार तक,गंगोत्री 9 हजार और यमुनोत्री 5500 प्रतिदिन शामिल किया गया। हालांकि आवश्यकतानुसार ये नियम बदलते रहे। लेकिन मंदिर समितियां, पंडा समाज, स्टेक होल्डर्स इनका विरोध करते रहे।
इस वर्ष 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम 23 अप्रैल को बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे। बता दें कि 2024 में कुल 46 लाख 69 हजार 74 तीर्थयात्री चारधाम यात्रा पर आए थे, जबकि 2025 में यह आंकड़ा रिकॉर्ड वृद्धि के साथ 51 लाख चार हजार 975 पहुंच गया। केदारनाथ में सर्वाधिक 17 लाख 68 हजार 795 श्रद्धालु पहुंचे। इसी प्रकार बदरीनाथ में 16 लाख 60 हजार 224, गंगोत्री में सात लाख 57 हजार 10 और यमुनोत्री में छह लाख 44 हजार 505 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।












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