Char dham yatra 2023: स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर ये है केंद्र और राज्य सरकार का ट्रिपल लेयर सिस्टम
केंद्र और राज्य सरकार ने इस बार चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए थ्री लेयर हेल्थ सुविधा देने की तैयारी की है। 108 एम्बुलेंस, हेल्थ सपोर्ट सिस्टम, एयर एम्बुलेंस से लेकर ड्रोन से निगरानी रहेगी।

चारधाम यात्रा में स्वास्थ्य सुविधाओं पर इस बार केंद्र और राज्य दोनों सरकारों का विशेष फोकस है। पिछले सीजन में यात्रा के दौरान मौत के आंकड़े ने सरकारी सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए थे, लेकिन इस बार सरकारें किसी तरह का कोई रिस्क नहीं उठाना चाहती हैं। हालांकि पैदल मार्ग और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होने वाली समस्याएं ही श्रद्धालुओं को परेशान करती है। इसके लिए सरकार ने इस बार चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए थ्री लेयर हेल्थ सुविधा देने की प्लानिंग की है। इसके लिए 108 एम्बुलेंस, हेल्थ सपोर्ट सिस्टम, एयर एम्बुलेंस से लेकर ड्रोन से इस बार यात्रा पर निगरानी रहेगी।
मजबूत हेल्थ सपोर्ट और इमरजेंसी मैनेजमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार
इस बार चारधाम यात्रा में सरकार बेस्ट हेल्थ इमरजेंसी पर फोकस कर रही है। इसके लिए केन्द्र की मदद से श्रद्धालुओं के लिए मजबूत हेल्थ सपोर्ट और इमरजेंसी मैनेजमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने केंद्रीय मंत्री डा. मनसुख मांडविया से चार धाम यात्रा में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए हेल्थ सपोर्ट विकिसत करने की मांग की थी। जिसमें सबसे ज्यादा जरुरत इमरजेंसी सेवा पर फोकस करने की बात थी। इसके लिए केद्र ने नई थ्री लेयर व्यवस्था बनाई है। इस व्यवस्था में यात्रा मार्गों पर 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा के साथ ही एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस (एएलएस) व कार्डिक एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा एम्स ऋषिकेश के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग आपातकाल में एयर एंबुलेंस सेवा के साथ ही जीवनरक्षक दवाइयां पहुंचाने के लिए ड्रोन सेवा भी उपलब्ध कराएगा। केंद्रीय मंत्री की ओर से सहमति देते हुए शीघ्र डीपीआर उपलब्ध कराने को कहा गया।
ड्रोन की सेवाएं उपलब्ध करायेंगे
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर डीपीआर तैयार कर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिए। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब एवं ट्रामा सेंटर स्थापित करने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा एम्स ऋषिकेश, दून मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज आपसी समन्वय बनाते हुए आपातकालीन स्थिति में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एयर एंबुलेंस सेवा व दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए ड्रोन की सेवाएं उपलब्ध करायेंगे। केदारनाथ, यमुनोत्री, हेमकुंड साहिब की पैदल मार्ग पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रत्येक एक किलोमीटर की दूरी पर मेडिकल रिलीफ प्वाइंट (एमआरपी) स्थापित किए जाने की सैद्धांतिक सहमति बनी है। इन स्थानों पर यात्रा काल के दौरान चिकित्सकों के साथ ही फार्मासिस्ट व पैरामेडिकल स्टॉफ भी तैनात रहेगा। जिनके पास ईसीजी मशीन, पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ जरूरी जीवनरक्षक दवाइयां उपलब्ध रहेंगी।
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