Uttarakhand: 32 सालों बाद 18 किमी पैदल तय कर सबसे दूरस्थ गांव पहुंचे डीएम, ग्रामीणों ने इस तरह किया स्वागत

चमोली डीएम हिमांशु खुराना 18 किमी पैदल डुमक गांव पहुंचे

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित सबसे दूरस्थ गांव में 18 किमी पैदल चलकर 32 साल बाद कोई डीएम ग्रामीणों से मिलने पहुंचे। डीएम हिमांशु खुराना की इस पहल का हर कोई स्वागत कर रहा है। अपने बीच डीएम को पाकर ग्रामीणों में भारी उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने डीएम का फूल मालाओं और स्थानीय वाद्य यंत्रों के साथ उत्साहपूर्वक स्वागत किया। डीएम ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

पैदल तय करते हुए जिले के सबसे दूरस्थ गांव डुमक पहुंचे डीएम

पैदल तय करते हुए जिले के सबसे दूरस्थ गांव डुमक पहुंचे डीएम

चमोली के जिलाधिकारी हिमांशु खुराना 18 किलोमीटर की दुर्गम खडी चढाई पैदल तय करते हुए जिले के सबसे दूरस्थ गांव डुमक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सुदूरवर्ती गांव किमाणा, उच्छोग्वाड, कलगोठ और डुमक में ग्रामीणों की समस्याएं सुनी और विभिन्न विकास योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।

 ग्रामीण खासे उत्साहित नजर आए

ग्रामीण खासे उत्साहित नजर आए

पिछले 32 साल बाद किसी जिलाधिकारी के सबसे दूरस्थ गांव डुमक गांव पहुंचने पर ग्रामीण खासे उत्साहित नजर आए। उन्होंने डीएम का फूल मालाओं एवं पारंपरिक बाध्य यंत्रों के साथ भव्य स्वागत करते हुए अपनी खुशी जाहिर की। शुक्रवार को जिलाधिकारी सड़क मार्ग से उर्गम घाटी में स्थित किमाणा पहुंचे।

रात्रि प्रवास डुमक गांव मे ही किया

रात्रि प्रवास डुमक गांव मे ही किया

यहां से दुर्गम पगडंडियों से उच्छोग्वाड, कलगोठ होते हुए 18 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर दूरस्थ गांव डुमक पहुंचे और दूरस्थ गांव क्षेत्रों में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। उर्गम घाटी में पड़ने वाला डुमक गांव उत्तराखंड राज्य का सबसे दूरस्थ पोलिंग बूथ भी है। जिलाधिकारी ने रात्रि प्रवास डुमक गांव मे ही किया। अगले दिन डुमक मे स्कूल एवं विभिन्न विकास योजनाओं का निरीक्षण करने के बाद तोलीताल होते हुए गोपेश्वर पहुंचे।

 दूरस्थ क्षेत्र तक योजनाओं का लाभ पहुंचे ये उनकी प्राथमिकता

दूरस्थ क्षेत्र तक योजनाओं का लाभ पहुंचे ये उनकी प्राथमिकता

जिलाधिकारी ने कहा कि उनका यहां आने का मकसद दूरस्थ क्षेत्रों की समस्याएं और चुनौतियों का जानना और उनका स्थानीय स्तर पर समाधान करना है। सबसे दूरस्थ क्षेत्र तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे ये उनकी प्राथमिकता है। ग्रामीणों ने जो भी मांग और समस्याएं रखी है, उनका प्राथमिकता पर समाधान किया जाएगा।

ग्रामीणों से स्वास्थ्य शिविर और किसान क्रेडिट कार्ड बनाने की बात कही

ग्रामीणों से स्वास्थ्य शिविर और किसान क्रेडिट कार्ड बनाने की बात कही

उन्होंने ग्रामीणों से डुमक गांव लगाए गए स्वास्थ्य शिविर का लाभ उठाने और कृषि के माध्यम से किसान क्रेडिट कार्ड बनाने की बात कही। क्षेत्र भ्रमण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा राजीव शर्मा, परियोजना निदेशक आनंद सिंह, ईई पीएमजीएसवाई परशुराम चमोली, सीईओ कुलदीप गैरोला, तहसीलदार रवि शाह, जिला समाज कल्याण अधिकारी वीके उनियाल आदि मौजूद थे।

हिमांशु खुराना वर्ष 2015 बैच के आईएएस अधिकारी

हिमांशु खुराना वर्ष 2015 बैच के आईएएस अधिकारी

जिलाधिकारी हिमांशु खुराना वर्ष 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। इससे पूर्व वे रुद्रप्रयाग व रानीखेत में संयुक्त मजिस्ट्रेट, काशीपुर में नगर आयुक्त और यूएस नगर व पौड़ी में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर कार्य कर चुके हैं।

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