चमोली हादसे का सच सामने लाएंगे इन 10 सवालों के जबाव, हाई वोल्टेज या शॉर्ट सर्किट हादसे की मुख्य वजह क्या?
उत्तराखंड के चमोली में हुआ हादसा कई तरह के सवाल छोड़ गया है। जिसके जबाव तलाशने के लिए अब सरकारी मशीनरी जुटी हुई है। रात में प्लांट ऑपरेटर गणेश की मौत और फिर 15 लोगों की दूसरे दिन सुबह करंट से मौत कई सवाल खड़े कर रहे।
उत्तराखंड के चमोली में हुआ हादसा कई तरह के सवाल छोड़ गया है। जिसके जबाव तलाशने के लिए अब सरकारी मशीनरी जुटी हुई है। पहले रात में प्लांट ऑपरेटर गणेश की मौत और फिर 15 लोगों की दूसरे दिन सुबह करंट से मौत कई सवाल खड़े कर रहे हैं।

हांलाकि प्राथमिक जांच में दावा किया जा रहा है कि यूपीसीएल और एसटीपी दोनों के स्तर पर कुछ खामियां पाई हैं। जो कि जांच के लिए पहुंची विद्युत सुरक्षा विभाग की तीन सदस्यीय टीम के हवाले से दावा किया जा रहा है। इसके अलावा सबसे बड़ा सवाल हादसा हाई वोल्टेज या शॉर्ट सर्किट से हुआ। ये भी जांच का सबसे बड़ा और अहम बिंदु माना जा रहा है।
Recommended Video
चमोली हादसे का सच सामने लाएंगे इन 10 सवालों के जबाव, हाई वोल्टेज या शॉर्ट सर्किट हादसे वजह क्या?
वो सवाल जिसके तलाशे जा रहे जबाव
- यूपीसीएल जहां भी बिजली आपूर्ति को ट्रांसफार्मर लगाता है, वहां हाई वोल्टेज या फॉल्ट होने पर इलेक्ट्रिक शॉक से बचाने के लिए अर्थिंग करता है। नमामि गंगे परियोजना के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में भी यूपीसीएल ने अर्थिंग की हुई है, इसी अर्थिंग पर सवाल उठ रहे हैं।
- करंट फैलने की मुख्य वजह हाई वोल्टेज या शॉर्ट सर्किट दोनों में से मुख्य वजह क्या है।
- एसटीपी में प्लांट ऑपरेटर गणेश की मृत्यु कैसे हुई।
- गणेश की मौत की जानकारी किसी को क्यों नहीं थी। यह एक पहेली बना हुआ है।
- क्या रात में भी शॉर्ट सर्किट हुआ तो इसकी जानकारी विभाग को क्यों नहीं दी गई।
- दावा किया जा रहा है कि बिजली विभाग के लाइनमैन ने करीब 11 बजे लाइन का शटडाउन लिया और जंपर जोड़ा। करीब 11:25 पर लाइन चालू कर दी गई। जिसके बाद करंट दौड़ा। इस समय मौके पर भारी भीड़ जमा थी। क्या इसकी सूचना बिजली विभाग को नहीं थी।
- अगर यूपीसीएल के 63 केवीए ट्रांसफार्मर से 440 के बजाए 11 हजार वोल्ट आपूर्ति गई तो केबिल, मीटर सुरक्षित कैसे रह गए।
- -अगर प्लांट के भीतर पहले से शॉर्ट सर्किट था तो आपूर्ति कैसे भीतर तक पहुंची।
- प्लांट के भीतर कंट्रोल यूनिट के अलावा सभी उपकरण, स्टेब्लाइजर आदि भी जल गया है। कैसे
- प्लांट में करंट लगने के पहले भी कई बार मामला सामने आने की बात की जा रही है। इस बात को किस ने दबाने की कोशिश की।












Click it and Unblock the Notifications