Chaitra Navratri 2023: मां हाट कालिका मंदिर, यहां रोज लगता है मां का बिस्तर, होता है ये चमत्कार

उत्तराखंड में पिथौरागढ़ की गंगोलीहाट के रावल गांव में मां हाट कालिका का मंदिर है। मां हाट कालिका माता को सेना की कुमाऊं रेजिमेंट अपनी आराध्य देवी मानती है।

Chaitra Navratri 2023: Maa Haat Kalika Temple Pithoragarh Gangolihat Mother bed found miracle

नवरात्रि में श्रद्धालु मंदिरों के दर्शन के लिए जाते हैं। जिन पर भक्तों की अटूट आस्था रहती है। उत्तराखंड में कई ऐसे मंदिर हैं, जो कि भक्तों की अटूट आस्था का प्रतीक है। ऐसा ही खास मंदिर है पिथौरागढ़ की गंगोलीहाट के रावल गांव में मां हाट कालिका का मंदिर।

कुमाऊं रेजिमेंट अपनी आराध्य देवी मानती है

नवरात्रि में यहां भक्तों का तांता लगा रहता है। मां हाट कालिका माता को सेना की कुमाऊं रेजिमेंट अपनी आराध्य देवी मानती है। पौराणिक कथा के अनुसार बहुत पहले कुमाऊं रेजिमेंट की एक यूनिट समुद्र मार्ग से कहीं जा रही थी। समुद्री तूफान आने से जहाज डूबने लगा तो जहाज में सवार कुमाऊं रेजिमेंट के जवानों ने मां महाकाली को पुकारा। कहा जाता है कि उसके बाद जहाज समुद्र तट तक सकुशल पहुंच गया। तब से यहां पर कुमाऊं रेजिमेंट मंदिर की देखरेख करने के साथ रेजिमेंट के कुछ जवान मां की सेवा में नियमित रूप से रहते हैं। कुमाऊं रेजिमेंट ने यहां पर गेस्ट हाउस भी बनाया है, जहां भक्तों को रात्रि विश्राम की सुविधा मिलती है। मान्यता है कि मंदिर के अंदर रात्रि भोज के बाद माता का शयनकक्ष में बिस्तर लगाया जाता है और रात्रि में मुख्य द्वार पर ताले लगाए जाते हैं। सुबह की आरती के समय जब पुजारी मंदिर के कपाट खोलते हैं तो बिस्तर सिमटा मिलता है। श्रद्धालुओं का ऐसा विश्वास है कि मां यहां रोज आती हैं।

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