Uttrakhand news: कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा को जनआशीर्वाद में बदलने की बीजेपी की रणनीति
3 सितंबर से कांग्रेस ने परिवर्तन तो बीजेपी ने जनआशीर्वाद रैली का किया आयोजन
देहरादून, 31 अगस्त। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर सत्ताधारी पार्टी बीजेपी और मुख्य विपक्षी कांग्रेस चुनावी मैदान में उतर चुकी हैं। इतना ही नहीं एक पार्टी दूसरे पार्टी के चुनावी समीकरणों को भी साधने में जुट गई हैं। कांग्रेस ने जहां सत्ता में लौटने के लिए 3 सितंबर से परिवर्तन यात्रा निकालने का ऐलान किया है, वहीं बीजेपी ने परिवर्तन यात्रा का जवाब देने के लिए 3 सितंबर से ही जनआशीर्वाद रैली निकालने का फैसला किया है। एक ही तारीख में दोनों दलों के यात्रा और रेली को लेकर दोनों दलों की रणनीति भी सामने आ गई हैा साफ है कि दोनों किसी को चुनावी साल में मौका नहीं देना चाहते हैं।

एक दूसरे के गढ़ में सेंध मारने की कोशिश
कांग्रेस ने उत्तराखंड में सत्ता परिवर्तन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का क्षेत्र खटीमा चुना है वहीं बीजेपी ने जनता का आशीर्वाद लेने के लिए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का चुनावी क्षेत्र श्रीनगर चुना है। साफ है कि बीजेपी कांग्रेस की रणनीति एक दूसरे को उनके नेताओं के विधानसभा क्षेत्रों में ही घेरने की है। बीजेपी के लिए 2022 में विधानसभा चुनाव का चेहरा पुष्कर सिंह धामी ही हैं। कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका में गणेश गोदियाल भी बडा और अहम चेहरा हैं।
गणेश के गढ़ में बीजेपी भरेगी हुंकार
बीजेपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के चुनाव क्षेत्र श्रीनगर गढ़वाल में जन आशीर्वाद रैली का आयोजन करने जा रही है। रैली में सीएम पुष्कर सिंह धामी, रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के अलावा बीजेपी के दिग्गज नेता जुटेंगें। रैली को लेकर क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मोर्चा संभाला हुआ है। बीजेपी इस रैली के जरिए अपना शक्ति प्रदर्शन करने के साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष को उनके क्षेत्र में ही घेरने की कोशिश करेगी। इसके बाद पार्टी कुमाऊं के अल्मोड़ा में जन आशीर्वाद रैली का आयोजन करेगी। बीजेपी की रणनीति गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों में पार्टी के जनाधार को लेकर शक्ति प्रदर्शन का है।
सीएम के क्षेत्र से कांग्रेस ने की परिवर्तन की तैयारी
कांग्रेस ने परिवर्तन यात्रा को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विधानसभा क्षेत्र खटीमा से आगाज करेगी। परिवर्तन यात्रा का पहला चरण तीन सितंबर की सुबह दस बजे से खटीमा शहीद स्मारक से शुरू होगा। यात्रा के तहत जगह-जगह रैलियां और जनसभाएं की जायेंगी। परिवर्तन यात्रा किच्छा से लालकुआं और कालाढूंगी से होते हुए जसपुर जायेगी। अंतिम दिन बाजपुर, गदरपुर और रुद्रपुर मुख्यालय में यात्रा का समापन होगा। इस तरह से कांग्रेस पहले तराई क्षेत्रों में पार्टी की एकजुटता और अपना शक्ति प्रदर्शन करेगी। इन सीटों पर किसानों का भी अच्छा खासा वोटबैंक है। ऐसे में कांग्रेस किसानों की केन्द्र सरकार से नाराजगी का भी फायदा इन चुनावों में लेने की कोशिश करेगी। कांग्रेस ने अपने परिवर्तन यात्रा का पहले ही कार्यक्रम जारी कर दिया था, लेकिन बीजेपी ने परिवर्तन यात्रा से ठीक पहले अपना जनआशीर्वाद यात्रा का आयोजन कर कांग्रेस की रणनीति पर पानी फेरने की कोशिश में जुटी है।












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