भाजपा के मोदी, कांग्रेस के हरदा और आप के केजरीवाल ही चुनाव में फेस, निर्दलीय के हाथ में न हो सत्ता की चाबी
उत्तराखंड में भाजपा, कांग्रेस और आप ही दिख रहे चुनावी समर में
देहरादून, 31 दिसंबर। उत्तराखंड के चुनावी दंगल में भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होना तय है। इसके लिए तीनों दल अपनी-अपनी रणनीति के हिसाब से मैदान में उतर रहे हैं। तीनों दलों की सेनाएं तैयार हो चुकी है और सेनापति भी तय हो चुके हैं। जो तस्वीर अब तक सामने आई है, उसमें भाजपा पीएम नरेंद्र मोदी, कांग्रेस हरीश रावत और आम आदमी पार्टी दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के चेहरे को लेकर जनता के बीच जा रही है। हालांकि तीनों दलों ने उत्तराखंड में अपने अलग सेनापति दिए हैं। लेेकिन चुनाव में वोटबैंक और नैया पार लगाने के लिए बडे चेहरे ही सामने लाना मजबूरी हैं।

भाजपा बिना मोदी संग संभव नहीं
सबसे पहले बात सत्ताधारी भाजपा की। भाजपा ने उत्तराखंड में भले ही सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, लेकिन बिना पीएम मोदी के चेहरे के भाजपा को अपनी नैया पार लगना मुश्किल लग रहा है। ऐसे में भाजपा पीएम मोदी के चेहरे पर ही चुनाव में उतर रही है। डबल इंजन सरकार के कार्यों का जिक्र करते हुए भाजपा जनता से विकास के नाम पर वोट मांग रही है। भाजपा मोदी है तो मुमकिन है, का नारा भी चुनाव में लेकर आई है। जिससे मोदी के नाम पर वोटबैंक में तब्दील किया जा सके। कांग्रेस की बात करें तो कांग्रेस ने भले ही चुनाव में सीएम का चेहरा न दिया हो, लेकिन पूर्व सीएम हरीश रावत के हाथ में चुनाव कमान है। जो कि खुद चुनाव कैंपेन को लीड कर रहे हैं। इसके साथ ही उत्तराखंड चुनाव को लेकर जो भी सर्वे सामने आ रहे हैं, उनमें हरीश रावत की उत्तराखंड की जनता के लोकप्रिय सीएम बने हुए हैं। इस तरह से कांग्रेस का चेहरा हरीश रावत की चुनाव में नजर आ रहा है। हालांकि चुनाव के बाद क्या समीकरण बनते हैं और सरकार आने पर किसके सिर ताज सजता है। इसके लिए चुनाव परिणाम का इंतजार रहेगा। अब बात आम आदमी पार्टी की। पहली बार उत्तराखंड चुनाव में तीसरे विकल्प के तौर पर उतरी आम आदमी पार्टी का सीएम चेहरा उत्तराखंड में कर्नल अजय कोठियाल हैं, लेकिन आप को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के मॉडल पर भरोसा है। ऐसे में आप के लिए मुख्य चेहरा अरविंद केजरीवाल ही है। कर्नल अजय कोठियाल का राजनीति में पहला कदम हैं, ऐसे में वे सीएम फेस तो हैं लेकिन पार्टी वोट अरविंद केजरीवाल के नाम पर ही मांग रहे हैं।
कहीं त्रिशंकु विधानसभा तो बनने के आसार नहीं
अब बात संभावित सरकार बनने की। उत्तराखंड में अब तक जो भी सर्वे रिपोर्ट आई हैं, उनमें सरकार भाजपा की बनती हुई नजर आ रही है, लेकिन सीएम के तौर पर कांग्रेस नेता पूर्व सीएम हरीश रावत सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। तो क्या उत्तराखंड में इस बार त्रिशंकु विधानसभा बनने के आसार हैं। जिसमें निर्दलीय के हाथों में सत्ता की चाबी हो सकती है। ये भी कयास लगने शुरू हो गए हैं। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस की मुश्किलें बढनी तय हैा भाजपा दोबारा सत्ता पाने और इतिहास बनाने के लिए पूरा जोर लगा रही है, जबकि कांग्रेस इस बार भाजपा के डबल इंजन को फेेल बताकर सत्ता में वापसी करने को बेकरार नजर आ रही हैा लेकिन जो समीकरण बन रहे हैं, वो दोनोंं को नए सिरे से रणनीति बनाने को संकेत दे चुके हैं।












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