2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी BJP, JP नड्डा लेंगे संगठन का फीडबैक, टिकटों को लेकर हो सकती है चर्चा
BJP भाजपा ने 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। संगठन की तैयारियों को परखने और रणनीति बनाने के लिए पूर्व अध्यक्ष जे पी नड्डा देहरादून आ रहे हैं। पूर्व अध्यक्ष नड्डा की मौजूदगी में होगी नई भाजपा प्रदेश कोर कमेटी की पहली बैठक होगी। जिसमें संगठनात्मक गतिविधियों और 27 की चुनावी रणनीति पर विचार होगा।
बैठक में पार्टी के वर्तमान और भविष्य में शुरू होने वाले कार्यक्रमों की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। जिसमें संगठन की गतिविधियों के साथ, किस तरह केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियां को भी समाहित किया जाए, इस पर चर्चा होगी। भाजपा ने साफ किया है कि प्रत्याशी चयन का आधार, जीत की संभावना ही रहने वाला है।

भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि नई संगठनात्मक रचना के बाद भाजपा प्रदेश कोर कमेटी की पहली बैठक 14 फरवरी को पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा के नेतृत्व में होने जा रही है। जिसमें पार्टी गतिविधियों के साथ आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति और सरकारी उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की कार्ययोजना पर विमर्श किया जाएगा। वहीं सर्वे रिपोर्ट के आधार पर चर्चा हो रही है और सभी को अपनी विधानसभा में फोकस करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि सांगठनिक टीम के गठन के बाद नई प्रदेश कोर कमेटी की बैठक 14 फरवरी को होगी। जिसमें पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रसाद नड्डा के मार्गदर्शन में आगामी राजनीतिक चुनौतियां एवं सांगठनिक प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
साथ ही चुनावी वर्ष को देखते हुए, जनता के मध्य डबल इंजन सरकार के कार्यों को पहुंचाने हेतु विधानसभा स्तर पर विकास रथ चलाए जाने भी प्रस्तावित हैं। उनके संदर्भ में रूपरेखा तैयार करने और जिम्मेदारियां निश्चित करने पर भी अंतिम विमर्श किया जाएगा। इसी तरह 2027 के चुनाव से पहले किन मुद्दों और किस तरह जनता के मध्य पार्टी अपनी बात पहुंचनी है, उसकी रणनीतिक तैयारियों को भी फाइनल किया जाना है।
एक अन्य सवाल का ज़बाब देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया, जीत की संभावना ही प्रत्याशी चयन का आधार बनने वाली है। लिहाजा सभी विधायकों एवं अन्य नेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वह स्वयं को राजनीतिक रूप से अपनी विधानसभा में ही केंद्रित करें। जिसके तहत सभी को प्रयास करने हैं कि सरकार के काम और संगठन की सक्रियता अपने अपने क्षेत्र में अधिक हो ताकि जीत की संभावनाएं पहले से ज्यादा प्रबल हों।
इस संबंध में जो 2 राज्य और 2 केंद्र, कुल 4 सर्वे में से 1 सर्वे की रिपोर्ट हमारे सामने है। जिसमें हम पहले से अधिक सीटें जीतने की स्थिति में नजर आ रहे हैं। इससे अलग सर्वे रिपोर्ट के अन्य आधार पर सभी जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों को जानकारी दी जा रही है और सुधार की अपेक्षा की गई है। कुल मिलाकर, प्रत्याशी चयन का आधार जीत की संभावना ही होने वाला है।












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