उत्तराखंड कांग्रेस में रिजल्ट से पहले मुख्यमंत्री को लेकर नजर आ रही लॉबिंग, हरदा-प्रीतम खेमा आमने-सामने
सीएम की दावेदारी करने में जुटे हरदा और प्रीतम
देहरादून, 21 फरवरी। उत्तराखंड में मतदान के बाद कांग्रेस इस बार स्पष्ट बहुमत मिलने का दावा कर रही है। ऐसे में पार्टी के अंदर अब सरकार बनाने को लेकर भी अभी से दांव पेंच शुरू हो गए हैं। जिसमें कांग्रेस के दो बड़े नेताओं के बीच सियासी युद्ध शुरू हो गया है। कांग्रेस के अंदर पूर्व सीएम हरीश रावत और नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह खेमा मुख्यमंत्री को लेकर एक्टिव मोड में आ गए हैं। दोनों ही नेता अपने-अपने तरीके से लॉबिंग करने में जुटे हैं।

हरदा, प्रीतम खेमा नजर आ रहा एक्टिव
प्रदेश में चुनाव की घोषणा के बाद से ही हरीश रावत खेमा और प्रीतम खेमा एक्टिव नजर आ रहा है। दोनों की खेमों में खुद को साबित करने में जुटे हैं। हरीश रावत खेमा अब तक टिकट बंटवारे से लेकर इलेक्शन कैंपेन तक हावी नजर आ रहा है। लेकिन प्रीतम खेमा भी पर्दे के पीछे से अपनी ताकत मजबूत करने में जुटे हैं। हरीश रावत और प्रीतम सिंह चुनाव निपटने के बाद से लगातार अपने प्रत्याशियों के भी संपर्क बनाने में जुट गए है। संभावित विधायकों को दोनों खेमे अभी से साधने में जुटे हैं। हरीश रावत ने लालकुंआ से चुनाव लड़ने के बाद कुमाऊं के आसपास के कई इलाकों में कांग्रेस के प्रत्याशियों से मुलाकात की। इसको भी हरीश रावत के मुख्यमंत्री बनने के मिशन से जोड़ा जा रहा है। मतदान के बाद से ही हरीश रावत खुद को मुख्यमंत्री बनने के अलावा कोई भी विकल्प मानने से इनकार करने में लगे हैं। इससे साफ है कि हरीश रावत खेमा अब भी हाईकमान के सामने प्रेशर पॉलिटिक्स करने में जुटे हैं।
हरीश रावत की पार्टी में पहुंचे प्रीतम सिंह
रविवार को हरीश रावत ने देहरादून आकर माल्टा नींबू पानी पार्टी दी। इस दौरान हरीश रावत खेमा शक्ति प्रदर्शन करता हुआ नजर आया। जिसमें सभी प्रीतम सिंह समेत कई दिग्गजों ने उपस्थिति दर्ज कराई। पूरे कार्यक्रम में हरीश रावत कांग्रेस पार्टी की जीत को लेकर आश्वस्त नजर आए। जो कि माल्टा नींबू पानी पार्टी के दौरान भी दिखाई दिया। इस दौरान हरीश रावत ने कहा कि चुनाव में कार्यकर्ताओं ने बहुत मेहनत की है। कार्यकर्ताओं के सम्मान में वह नींबू सन्नी पार्टी रख रहे हैं। इस दौरान हरीश रावत ने प्रीतम सिंह को अपने हाथ से फल भी खिलाए। जो कि एक दूसरे के बीच चल रहे सियासी यु्द्ध को दूर करने की कोशिश लग रही थी। हालांकि दोनों की बॉडी लेंग्वेज से साफ नजर आ रहा था कि दोनों में अभी से एक दूसरे को बड़ा साबित करने में जुटे हैं। इधर प्रीतम सिंह खेमा भी हरीश रावत के खुद को सीएम प्रोजेक्ट करने के बयान के बाद से सोशल मीडिया से लेकर हर जगह मुख्यमंत्री पर किसी भी तरह के निर्णय के लिए हाईकमान को ही अधिकृत होने की बात करते आ रहे हैं। जिससे हरीश रावत खेमे पर राजनीतिक दबाव बनाया जा सके। प्रीतम सिंह भी लगातार इस बात को दोहरा रहे हैं कि मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय हाईकमान को ही करना होगा। साथ ही हरीश रावत के धुर विरोधी रणजीत रावत ने मुख्यमंत्री का फैसला विधानमंडल दल की बैठक में लेने की बात की है। ऐसे में साफ है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस के अंदर मुख्यमंत्री को लेकर खींचतान होनी तय है। जिसमें हरीश रावत और प्रीतम सिंह खेमा आमने-सामने हो गए हैं।












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