बागेश्वर उपचुनाव: भाजपा ने सेंट्रल आब्जर्वर पर लगाए गंभीर आरोप, गरमाई सियासत, जानिए क्या है मामला
बागेश्वर उपचुनाव से एक दिन पहले भाजपा ने चुनाव आयोग से सेंट्रल आब्जर्वर की शिकायत की है। जिससे माहौल गरमा गया है। भाजपा ने बागेश्वर उप चुनाव मे सेंट्रल आब्जर्वर पर पूर्वाग्रह से ग्रसित होने का आरोप लगाया है।
बागेश्वर उपचुनाव से एक दिन पहले भाजपा ने चुनाव आयोग से सेंट्रल आब्जर्वर की शिकायत की है। जिससे माहौल गरमा गया है। भाजपा ने बागेश्वर उप चुनाव मे सेंट्रल आब्जर्वर पर पूर्वाग्रह से ग्रसित होने का आरोप लगाया है। साथ ही भाजपा के प्रतिनिधिमंडल मंडल ने मुख्य चुनाव अधिकारी से भेंट कर कार्रवाई की मांग की है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कहना है कि सेंट्रल आब्जर्वर बनकर आए अधिकारी बिहार सरकार में कार्यरत हैं और किसी राजनीतिक दल के इशारे पर कार्य कर रहे हैं। भाजपा के इस आरोप से मतदान से पहले सियासत गरमा गई है।

उत्तराखंड के बागेश्वर मेंं 5 सितंबर को उपचुनाव के लिए मतदान होना है। लेकिन चुनाव से पहले भाजपा ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी के चुनाव आयोग संपर्क विभाग के प्रभारी और प्रदेश कोषाध्यक्ष पुनीत मित्तल ने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से सेंट्रल आब्जर्वर राजेश कुमार का आचरण अशोभनीय और संदेहास्पद है। वह भाजपा कार्यकर्ताओ का उत्पीड़न कर रहे हँ और अधिकारियों पर भी अनुचित दबाव बना रहे है। इससे चुनाव की निष्पक्षता बाधित हो रही है। उन्होंने मामले का संज्ञान लेकर तत्काल कार्यवाही की मांग की है।
भाजपा चुनाव आयोग संपर्क विभाग सायोंजक एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष पुनीत मित्तल ने बताया कि हैरानी की बात है कि जहां अधिकारियों को निष्पक्ष बिना भय बिना किसी द्वेष के चुनावों में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए वहीं सैंट्रल ऑब्जर्वर कांग्रेस पार्टी के सक्रिय सदस्य के समान कार्य करते हुए, कांग्रेस प्रत्याशी को परोक्ष और अपरोक्ष लाभ पहुंचा रहे हैं जिससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हो रही है।
प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से से मामले की गंभीरता को देखते हुए यथाशीग्र इसका संज्ञान लेकर त्वरित उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया जिससे कि विधानसभा उपचुनाव में लोकतंत्र की गरिमा को बचाया जा सके। प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस पार्टी पर यह सीधा आरोप लगाया कि कांग्रेस को हमेशा से ही सत्ता का लालच रहा है ओर काफी समय से उत्तराखण्ड में जिस प्रकार से उनकी राजनीतिक जमीन खिसक रही है उससे उनका परेशान होना इस बात का परिचायक है कि वे इस चुनाव में सामने से अपनी करारी हार को देखकर बुरी तरह बोखला गई है ओर तमाम प्रकार के षड़यंत्र, कुचक्र रचकर अधिकारियों को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रही है।
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