Badrinath Mandir Scam: CCTV फुटेज से खुले चोरी के राज, 18 पन्नों की रिपोर्ट पेश, संतों ने क्या कहा? टाइमलाइन

Badrinath Mandir Chanda Chori: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामले के बीच, उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर की दान पेटी से कथित चोरी ने सभी को चौंका दिया है। मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी 18 पन्नों की रिपोर्ट मुख्य कार्याधिकारी (CEO) को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में साफ तौर पर बताया गया है कि चढ़ावे में कथित गड़बड़ी एक बार में नहीं, बल्कि कई बार अलग-अगल मौकों पर देखने को मिली है। इसका खुलासा 14 दिन की CCTV फुटेज की रिकॉर्डिंग में हुआ है। जब आरोपी कर्मचारी कथित तौर पर दान की रकम का दुरुपयोग करते दिखे।

मामले में अब दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी मुखर होने लगी है। इसी कड़ी में 7 जुलाई को ही, अध्यक्ष कार्यालय में तैनात निजी सहायक प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया गया। इतना ही नहीं, श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने नौटियाल को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज, साध्वी ऋतंभरा और उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रियाएं पेश की। उन्होंने दोषियों के खिलाफ एफआईआर की मांग भी उठाई है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किसने क्या कहा?

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राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। जांच को लेकर SIT गठित कर दी गई है। जहां भी कोई गड़बड़ी होगी, वहां निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। जो कोई भी आस्था के मामलों के साथ खिलवाड़ करेगा, उसके खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई की जाएगी... व्यवस्था सभी के लिए एक जैसी होनी चाहिए, चाहे वो VIP हों या आम जनता। मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छा तरीका है। मैंने वृंदावन में बेहतरीन इंतजाम देखे हैं। इसी तरह, हमारे सभी तीर्थ स्थलों पर अच्छे इंतजाम होने चाहिए, ताकि आम जनता आसानी से वहां जा सके और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान के दर्शन कर सके।

स्वामी कैलाशानंद गिरि ने क्यों और किसके खिलाफ उठाई FIR की मांग?

आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि अगर, किसी तरह की कोई वित्तीय गड़बड़ी हुई है, तो उसकी जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत द्विवेदी ने सरकार से मांग की है कि बद्रीनाथ मंदिर में हुई गड़बड़ियों की तुरंत जांच के आदेश दिए जाएं और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाए... मंदिर सरकार के नियंत्रण में नहीं होने चाहिए। बल्कि उनका प्रबंधन आध्यात्मिक गुरुओं, भक्तों और स्वतंत्र ट्रस्टों द्वारा किया जाना चाहिए... उत्तराखंड में गठित SIT निश्चित रूप से पारदर्शिता लाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम जन्मभूमि के मुद्दे को लेकर बहुत संवेदनशील हैं। अगर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के संबंध में कोई कमी सामने आती है, तो प्रधानमंत्री खुद इस मामले को देखेंगे, ताकि एक बेहतरीन CEO की नियुक्ति सुनिश्चित की जा सके।

बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने क्या कहा?

उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बद्रीनाथ मंदिर के दान में कथित गबन पर कहा कि जब भी ऐसे मुद्दे उठते हैं या चोरी का शक होता है, तो जांच शुरू की जाती है और दोषियों को सजा दी जाती है। ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ बीजेपी सरकार के समय ही हो रहा है। असल में उस सरकार की तारीफ होनी चाहिए, जो इन मामलों का पर्दाफाश करती है, क्योंकि ऐसी हरकतें शायद लंबे समय से चल रही होंगी। जनता उस सरकार की तारीफ करती है, जो इन गलत कामों की जांच करने और उन्हें उजागर करने की पहल करती है।

साध्वी ऋतंभरा ने समाज को क्या संदेश दिया?

अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी के मामले पर परम शक्ति पीठ की संस्थापक साध्वी ऋतंभरा कहती ने कहा कि सामने आ रही घटनाओं को देखते हुए, मैं समाज के सभी लोगों से अपील करती हूं कि वे समझें कि अगर बचपन में सही संस्कार दिए जाएं, तो हमें ऐसी शर्मनाक घटनाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, मैं एक बात पर जोर देना चाहती हूं कि अगर गंगा किनारे बैठा कोई भ्रष्ट पुजारी हमारी आस्था का फायदा उठाता है, तो इससे नदी के प्रति हमारी श्रद्धा कम नहीं होती। तीर्थस्थलों में हमारी अटूट आस्था बनी रहनी चाहिए। ये मुद्दे तभी सुलझेंगे, जब दोषियों को सजा मिलेगी। फिर भी, हमें सावधान रहना चाहिए कि ज्यादा प्रचार-प्रसार के कारण हम गुमराह होकर इन पवित्र स्थानों से दूर न हो जाएं। इन तीर्थस्थलों की पवित्रता, साफ-सफाई और शुद्धता बनाए रखना भक्तों और प्रशासकों, दोनों की मिली-जुली ज़िम्मेदारी है।

आगे कहा कि हम सभी को अपने-अपने कर्तव्य निभाने चाहिए। ये घटनाएं हमें नैतिक और चारित्रिक रूप से मजबूत होने की तत्काल जरूरत की याद दिलाती हैं। हमें एक मज़बूत नैतिक आधार की ज़रूरत है ताकि हम कभी भी दूसरों द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे पर लालची या गिद्ध जैसी नज़र न डालें। हर घर में ये संस्कार डालना बहुत जरूरी है, क्योंकि इंसान का चरित्र ज्यादातर जन्म से लेकर चौदह साल की उम्र के बीच ही बनता है। मज़बूत चरित्र वाला इंसान कभी भी दूसरे की दौलत का लालच नहीं करेगा, चाहे वह कहीं भी जाए... किसी के पतन का जश्न मनाने के बजाय समाधान खोजना बेहतर है।

Uttarakhand News: बद्रीनाथ धाम में दान-चढ़ावे के मामले में सरकार सख्त, उच्च स्तरीय जांच समिति गठित; बीकेटीसी कर्मचारी निलंबित
Uttarakhand News: बद्रीनाथ धाम में दान-चढ़ावे के मामले में सरकार सख्त, उच्च स्तरीय जांच समिति गठित; बीकेटीसी कर्मचारी निलंबित
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