Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Badrinath Kedarnath में गैर हिंदुओं के प्रवेश वर्जित करने को लेकर विवाद, विपक्ष के आरोप, BKTC ने क्या कहा

Badrinath Kedarnath Controversy बदरीनाथ, केदारनाथ समेत बी​केटीसी के अंर्तगत आने वाले मंदिरों में में गैर हिंदुओं के प्रवेश वर्जित करने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष ने इस मामले को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने मांग की कि इस पर सरकार को पुर्नविचार करना चाहिए।

बदरीनाथ - केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा है कि केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम पर्यटन स्थल नहीं, सनातन परंपरा के सर्वोच्च आध्यात्मिक केंद्र हैं। कहा कि यहाँ प्रवेश का प्रश्न नागरिक अधिकार का नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और परंपरा का है अत: इन धामों में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित किया जाना शास्त्र सम्मत तथा संविधान के प्रावधानों अनुच्छेद 25 तथा 26 के अनुरूप है।

Badrinath Kedarnath Controversy ban entry non-Hindus muslim allegations opposition what BKTC say

श्री बदरीनाथ - केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने हक हकूकधारियों, श्री केदार सभा, सहित श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत एवं धर्मावलंबियों की मांग पर आगामी बोर्ड बैठक में बदरीनाथ तथा केदारनाथ धाम में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध संबंधित प्रस्ताव लाने की घोषणा की है जिसका श्री केदार सभा सहित श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत तथा सभी सनातन धर्मावलंबियों ने स्वागत किया है वही गंगोत्री तथा यमुनोत्री मंदिर समिति ने मंदिर में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध संबंधित प्रस्ताव पारित कर दिया है।

बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 26 हर धार्मिक संप्रदाय को अपने धार्मिक मामलों का प्रबंधन करने का अधिकार देता है। यह कि संविधान हमें यह अधिकार देता है कि हम अपनी आस्था और परंपरा की रक्षा करें।उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक तर्क है केदारनाथ और बद्रीनाथ आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित वैदिक परंपरा के केंद्र हैं।यहाँ की पूजा-पद्धति शुद्ध वैदिक दीक्षा और सन्यास पर आधारित है। ये धाम मोक्ष परंपरा से जुड़े है तथा यहां विदेशी या गैर-आस्थावान प्रवेश का कभी प्रचलन नहीं रहा।

पुरोहित व्यवस्था दीक्षा-संप्रदाय पर आधारित रही है। गैर हिंदुओं का मंदिरों में प्रवेश पहले से प्रतिबंधित रहा है यह कोई नया नियम नहीं, बल्कि सदियों पुरानी परंपरा का औपचारिक पालन है।उन्होंने कहा कि यह किसी धर्म के विरोध का विषय नहीं है।यह प्रश्न केवल यह है कि क्या व्यक्ति इस परंपरा में आस्था रखता है या नहीं।

कहा कि मस्जिद में नमाज़ की शर्तें है चर्च में संस्कार की सीमाएँ निर्धारित है हर धर्म को अपनी पवित्रता और अनुशासन तय करने का अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने बार-बार कहा है कि मंदिर में प्रवेश कोई सामान्य नागरिक अधिकार नहीं, बल्कि धार्मिक आचरण का विषय है द्विवेदी ने कहा कि पर्यटन और तीर्थ दोनोंअलग-अलग है केदारनाथ-बद्रीनाथ पर्यटन स्थल नहीं, तीर्थ हैं पर्यटन का उद्देश्य मनोरंजन होता है, धर्मशास्त्रों के अनुसार तीर्थ का उद्देश्य आत्मिक साधना मानी गयी है।

बीकेटीसी ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन के लिए हजारों स्थल खुले हैं अतः धामों की पहचान बदलना आस्था के साथ अन्याय होगा।जो व्यक्ति सनातन परंपरा में आस्था रखता है, वह अपनी आस्था के अनुसार आगे बढ़ सकता है।लेकिन धाम की मूल धार्मिक पहचान से समझौता नहीं किया जा सकता, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम कोई पिकनिक स्पॉट नहीं, बल्कि सनातन परंपरा के सर्वोच्च आध्यात्मिक केंद्र हैं।संविधान का अनुच्छेद 25 में स्पष्ट है कि सिक्ख , जैन, बौद्ध, ईसाई सनातन परंपरा के अंग है। अनुच्छेद 26 हमें यह अधिकार देता है कि हम अपनी धार्मिक परंपराओं और पूजा-पद्धति की रक्षा करें।यह निर्णय किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि सदियों पुरानी आस्था, अनुशासन और शुद्धता के संरक्षण के लिए है।

कांग्रेस नेता अमरजीत सिंह ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि राज्य सरकार लगातार समाज को बांटने की राजनीति कर रही है। इसी विभाजनकारी सोच के तहत पहले हरिद्वार की हर की पौड़ी पर प्रयोग किया गया और अब चारधाम के मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को वर्जित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा पर आने वाले लाखों श्रद्धालु वर्षों से अपनी यात्रा को तभी पूर्ण मानते रहे हैं, जब वे भगवान बद्रीनाथ के दर्शन भी करते थे। अब इन लाखों श्रद्धालुओं की चारधाम यात्रा पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया गया है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+