Who is Praveen Sood: CBI डायरेक्टर प्रवीण सूद का 1 साल का कार्यकाल बढ़ाया गया, राहुल गांधी ने जताई आपत्ति
Who is Praveen Sood: देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई की कमान अब भी प्रवीण सूद के हाथों में रहेगी। केंद्र सरकार ने उनके कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल बैठक के बाद इस फैसले को मंजूरी मिली। हालांकि, इस नियुक्ति विस्तार को लेकर सियासत भी गरमा गई है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पूरी चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए इसे "पक्षपातपूर्ण" बताया है।
प्रवीण सूद को मिला एक साल का सेवा विस्तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक प्रवीण सूद अब अपने तय कार्यकाल से आगे भी पद पर बने रहेंगे। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनके सेवा विस्तार को मंजूरी दे दी है। उनका मौजूदा कार्यकाल 24 मई 2026 को खत्म होना था, लेकिन अब वह एक अतिरिक्त वर्ष तक सीBI चीफ की जिम्मेदारी संभालेंगे। प्रवीण सूद ने 25 मई 2023 को सीबीआई निदेशक का पद संभाला था। उन्हें शुरुआत में दो साल के निश्चित कार्यकाल के लिए नियुक्त किया गया था।

पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक
सीबीआई निदेशक के कार्यकाल विस्तार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर एक उच्च स्तरीय चयन समिति की बैठक हुई। इस समिति में प्रधानमंत्री के अलावा भारत के मुख्य न्यायाधीश के प्रतिनिधि और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल थे।
बैठक में कई विकल्पों पर चर्चा हुई, जिसके बाद प्रवीण सूद के कार्यकाल को बढ़ाने का फैसला लिया गया।
राहुल गांधी ने जताई नाराजगी
इस फैसले के बाद राजनीतिक विवाद भी सामने आया। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें शॉर्टलिस्ट किए गए अधिकारियों से जुड़ी जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
राहुल गांधी ने अपनी असहमति दर्ज करते हुए कहा कि उनकी भूमिका केवल "रबर स्टैंप" बनकर रह गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी "पक्षपातपूर्ण प्रक्रिया" का हिस्सा बनकर अपने संवैधानिक दायित्व से पीछे नहीं हट सकते।
Who is Praveen Sood? कौन हैं प्रवीण सूद
प्रवीण सूद 1986 बैच के कर्नाटक कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। सीबीआई का कार्यभार संभालने से पहले वह कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद पर तैनात थे। इनकी गिनती देश के अनुभवी पुलिस अधिकारियों में होती है। सीबीआई प्रमुख के तौर पर वह भ्रष्टाचार, आर्थिक अपराध और हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामलों की जांच की निगरानी कर रहे हैं।
क्यों अहम है यह फैसला?
सीबीआई देश की प्रमुख जांच एजेंसी मानी जाती है और बड़े मामलों की जांच में इसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में निदेशक का कार्यकाल बढ़ाया जाना प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों लिहाज से अहम माना जा रहा है। वहीं, विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों ने इस फैसले को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है।












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