Badrinath Dham: भारी बारिश की वजह से रोकी गई थी यात्रा, मौसम साफ होने के बाद फिर हुईं शुरू यात्रा
Badrinath Dham: भारी बारिश की वजह से रोकी गई थी यात्रा, मौसम साफ होने के बाद फिर हुईं शुरू यात्रा
चमोली, 17 मई: भारी बारिश और लैंडस्लाइड की वजह से 16 मई को बद्रीनाथ यात्रा रोक दी गई थी, लेकिन 17 मई की सुबह यात्रा फिर से शुरू हो गई है। ऐसा बताया जा रहा है कि बारिश थमने के बाद मंगलवार सुबह 6 बजे से बद्रीनाथ यात्रा तीर्थयात्रियों के लिए फिर से शुरू हो गई है। हालांकि, बारिश की वजह से केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग गौरीकुंड में यात्रियों का लंबा जाम लगा हुआ है।

चमोली के जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने मंगलवार को न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में बताया कि 'मौसम साफ होते ही आज सुबह 115 वाहन बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना हुए है। बताया कि सोमवार को भारी बारिश के बाद हनुमान चट्टी के पास पत्थर गिरने के बीच तीर्थयात्रियों की आवाजाही रोक दी गई। लेकिन आज बारिश थमने के बाद यात्रा फिर से शुरू कर दी गई है।
जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने कहा, 'बद्रीनाथ नेशनल हाईवे पर हनुमान चट्टी के आगे बलडोडा में चट्टान से पत्थर गिरने और लंबागढ़ नाले में पानी बढ़ने के कारण बीती रात हुई भारी बारिश के कारण यात्रियों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी। बताया कि बद्रीनाथ धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों को पीपलकोटी, चमोली, नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग और गौचर, गोविंदघाट पर रोका गया था। इस दौरान प्रशासन ने ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित की और उनके भोजन और पानी का भी ध्यान रखा।
अब तक 41 तीर्थयात्रियों को हो गई है मौत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसी जानकारी भी सामने आ रही है कि चार धाम यात्रा में अब तक 41 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई है। सबस ज्यादा मौत केदारनाथ यात्रा के दौरान हुई। इस दौरान करीब 15 तीर्थयात्रियों ने अपनी जान गंवाई। वहीं यमुनोत्री में 14, बद्रीनाथ में 8 और गंगोत्री में चार तीर्थयात्रियों की मौत हुई। यह मौते हाई ब्लड प्रेशर, हर्ट संबंधी बीमारियों, पहाड़ी पर चढ़ने संबंधी बीमारियों से हुई हैं।
भगवान विष्णु को समर्पित है बद्रीनाथ धाम
अलकनंदा नदी के किनारे चमोली जिले में गढ़वाल पहाड़ी ट्रैक में स्थित बद्रीनाथ मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। यह मंदिर चार प्राचीन तीर्थ स्थलों में से एक है जिसे 'चार धाम' कहा जाता है जिसमें यमुनोत्री, गंगोत्री और केदारनाथ भी शामिल हैं। यह उत्तराखंड के बद्रीनाथ शहर में स्थित है। यह हर साल छह महीने (अप्रैल के अंत और नवंबर की शुरुआत के बीच) के लिए खुला रहता है। चार धामों में हर साल देश-विदेश से लाखों पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं।












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