उत्तराखंड में भाजपा के वरिष्ठ विधायक और बुजुर्ग नेता का चुनाव से ठीक पहले ऑडियो वायरल, मचा हड़कंप
कांग्रेस सोशल मीडिया पर ऑडियो को लेकर कर रही सवाल खड़ी
देहरादून, 11 फरवरी। उत्तराखंड भाजपा के सबसे वरिष्ठ विधायक और बुर्जुग नेता बंशीधर भगत का चुनाव से ठीक पहले ऑडियो वायरल होने से हड़कंप मचा हुआ है। कांग्रेस सोशल मीडिया पर लगातार इस ऑडियो को लेकर सवाल खड़ी कर रही है। ऐसे में इस प्रकरण का चुनाव पर भी असर पड़ना तय है। हालांकि इस ऑडियो की सत्यता को लेकर अब तक कोई पुष्टि नहीं हुई है।

कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
प्रदेश में 14 फरवरी को एक साथ 70 सीटों पर मतदान होना है। ऐसे में प्रचार को लेकर सियासी दलों ने पूरा जोर लगा दिया है। इस बीच भाजपा और कांग्रेस एक दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही है। पहले कांग्रेस को लेकर भाजपा का मुस्लिम यूनिवर्सिटी पर दिए बयान पर बवाल अभी थमा नही कि एक ऑडियो वायरल हो गया है। वोटिंग से कुछ दिन पहले भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे और कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत का एक ऑडियो वायरल होने का दावा किए जाने से सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस का दावा है कि जो ऑडियो में आवाज है, वो बंशीधर भगत की है। इस ऑडियो में एक व्यक्ति एक महिला से अश्लील बातें करते हुए सुनाई दे रहे हैं। इतना ही नहीं महिला व्यक्ति से अपने किसी काम न होने की कंप्लेन भी कर रही है। जिसके बाद सियासी गलियारों में चर्चा तेज है। चुनाव से ठीक पहले कैबिनेट मंत्री पर गंभीर आरोप लगने से भाजपा की चुनाव में मुश्किल खड़ी हो सकती है।
6 बार चुनाव जीत चुके हैं बंशीधर
बंशीधर भगत कालाढूंगी विधानसभा से एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं। भगत 2012 और 2017 में इस सीट पर दो बार जीत दर्ज कर चुके हैं। भगत भाजपा के सबसे वरिष्ठ विधायक और नेताओं में शामिल हैं। जो कि उत्तरप्रदेश में कल्याण सिंह की सरकार में राज्यमंत्री रहने के साथ-साथ उत्तराखंड में प्रदेश अध्यक्ष से लेकर कई प्रमुख जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उत्तराखंड के जमीनी नेताओं में शामिल भगत राजनीति में कदम दर कदम आगे बढ़े हैं। 1975 में जनसंघ से जुड़े भगत की सक्रिय राजनीति की शुरुआत 1984 में हल्द्वानी से लगे पनियाली गांव के प्रधान बनने से हुई। 1991 में पहली बार वह नैनीताल के विधायक बने। भगत ने सात बार चुनाव लड़ा और छह बार जीत दर्ज की। 2002 में वह हल्द्वानी विधानसभा सीट पर कांग्रेस नेता डॉ. इंदिरा हृदयेश से चुनाव हार गए थे। हालांकि अगले ही चुनाव में उन्होंने इंदिरा जैसी कद्दावर नेता को हराकर बदला लेने के साथ ही अपने कद को भी साबित किया। भगत का विवादों से भी पुराना नाता रहा है, 2020 में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए उनका नेता प्रतिपक्ष पर दिया गया बयान चर्चाओं में रहा। जिसके विरोध में कांग्रेस ने आंदोलन चलाया। इस मामले में भगत के खेद व्यक्त करने के बाद मामला शांत हुआ। इससे पहले कांग्रेस की नेता दिवंगत इंदिरा ह्रदयेश की उम्र को लेकर की गई विवादित टिप्पणी पर भी खूब बवाल हो चुका है। जो कि भगत के माफी मांगने के बाद ही शांत हुआ था।












Click it and Unblock the Notifications