इजरायल पर ईरान ने दागी मिसाइलें, अप्रैल के सीजफायर के बाद किया पहला अटैक, चेतावनी- पटलवार किया तो मचेगी तबाही
Iran attacks Israel: मिडिल ईस्ट में फिर युद्ध का खतरा बढ़ गया है। रविवार रात इजरायल पर दो तरफ से हमला हुआ। ईरान ने रविवार रात इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं और हिजबुल्लाह ने भी ड्रोन से वार किया। ईरान ने ये हमला इजरायल के बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर किए गए हवाई हमलों के जवाब में किया। अप्रैल 2026 में हुए सीजफायर के बाद ये ईरान द्वारा किया गया ये पहला अटैक है।
सीरिया ने बंद किया एयर स्पेस
इस हमले के साथ ही अप्रैल में हुए अस्थायी संघर्षविराम के बाद बनी शांति टूट गई और क्षेत्र में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया। उत्तरी इजरायल में सायरन बजने लगे और लोगों को सुरक्षित ठिकानों में जाने के निर्देश दिए गए। वहीं सीरिया ने अपना एयर स्पेस बंद कर दिया है।

दरअसल, लेबनान के हालात को लेकर यह हमला हुआ। ईरान चाहता है कि सैन्य कार्रवाई बंद हो, लेकिन इजरायल लेबनान में हमले जारी रखे है। हाल ही में बेरूत में हमले हुए थे। लगातार हो रहे हमलों पर ईरान के विदेश मंत्री ने अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने ईरान और लेबनान का झंडा पोस्ट किया। मोहसेन रेजाई ने इसे कड़ी चेतावनी बताया। कहा कि हमलावरों को इसका जवाब मिल गया है।
ईरान ने दी थी 'दर्दनाक जवाब' की चेतावनी
बेरूत के दहियाह इलाके पर इजरायली हमले के बाद ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने सोशल मीडिया पर कहा था कि इजरायल को "निर्णायक और दर्दनाक जवाब" दिया जाएगा। कुछ घंटों बाद ही इजरायल की ओर मिसाइलें दागी गईं।
इजरायल का दावा- सभी मिसाइलें रोकी गईं
इजरायली सेना (IDF) के मुताबिक ईरान ने करीब 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। सेना का दावा है कि सभी मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया गया या वे खाली इलाकों में गिरीं। हालांकि हमले के बाद पूरे उत्तरी इजरायल में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया।
सात दिन तक हमले जारी रखने की धमकी
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बयान जारी कर कहा कि यह कोई एक बार की कार्रवाई नहीं है, बल्कि लगातार एक सप्ताह तक मिसाइल और ड्रोन हमले किए जाएंगे। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि ईरानी क्षेत्र को निशाना बनाया गया तो उसका जवाब पहले से कहीं ज्यादा विनाशकारी होगा।
ट्रंप ने नेतन्याहू से की गुजारिश- जवाबी हमला न करें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात कर उन्हें ईरान पर जवाबी हमला न करने की सलाह दी। ट्रंप ने कहा कि ऐसा कदम अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने दावा किया कि दोनों देशों के बीच समझौता बहुत करीब है।
बेरूत हमले में दो लोगों की मौत
इजरायल ने रविवार को बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में दो अलग-अलग इमारतों को निशाना बनाया। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक इस हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हुई जबकि 11 लोग घायल हो गए। हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोगों ने क्षेत्र छोड़ना शुरू कर दिया।
इजरायल का दावा- हिजबुल्लाह के ठिकानों पर की कार्रवाई
इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि यह हमला हिजबुल्लाह द्वारा इजरायल की ओर रॉकेट दागे जाने के जवाब में किया गया। इजरायल का कहना है कि उसने हिजबुल्लाह के "आतंकी मुख्यालयों" को निशाना बनाया। हालांकि हिजबुल्लाह ने इन रॉकेट हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है।
लेबनान में भी जारी है संघर्ष
दक्षिणी लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच लड़ाई लगातार जारी है। इजरायल ने कई इलाकों में हवाई हमले किए हैं, जबकि हिजबुल्लाह ने भी इजरायली सैनिकों पर रॉकेट और तोपखाने से हमले करने का दावा किया है।
युद्धविराम की कोशिशों पर संकट
अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम को लेकर बातचीत चल रही है, लेकिन ताजा घटनाओं ने इन प्रयासों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हिजबुल्लाह पहले ही साफ कर चुका है कि वह किसी ऐसे समझौते को स्वीकार नहीं करेगा जिसमें इजरायली सेना की लेबनान से वापसी शामिल न हो।
गाजा में भी जारी हैं हमले
इधर गाजा पट्टी में भी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। रविवार को इजरायली हमलों में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई जबकि 20 अन्य घायल हो गए। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ युद्धविराम को बचाने के प्रयासों में जुटे हुए हैं।
दुनिया भर से संयम बरतने की अपील
ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर समेत कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है। उनका कहना है कि इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता टकराव पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता और वैश्विक व्यापार के लिए खतरा बन सकता है।












Click it and Unblock the Notifications