देहरादून में आयोजित हो रहा विधानसभा सत्र, गैरसेंण में कांग्रेस करेगी उपवास, जानिए पूरा मामला
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व सीएम हरीश रावत ने सत्र के दिन गैरसेंण में उपवास करने का किया ऐलान
देहरादून, 7 दिसंबर। कृषि कानून और देवस्थानम जैसे बड़े मुद्दों के छिन जाने के बाद अब कांग्रेस ने अपनी चुनावी रणनीति को बदल दिया है। विधानसभा सत्र को देखते हुए कांग्रेस ने देहरादून में सत्र के दौरान गैरसेंण में उपवास कार्यक्रम रखा है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व सीएम हरीश रावत ने सत्र के दिन गैरसेंण में उपवास करने का ऐलान किया है।

9 और 10 दिसंबर को सत्र
उत्तराखंड में जल्द ही चुनाव को लेकर तस्वीर साफ होने वाली है। उससे पहले सरकार विधानसभा सत्र के जरिए अपनी सरकार के बचे हुए कार्यों को पूरा करने में जुट गई है। इसके लिए सरकार के इस कार्यकाल का आखिरी सत्र 9 और 10 दिसंबर को देहरादून में आयोजित होने जा रहा है। जिसको लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने सामने आ चुके हैं। कांग्रेस सत्र को देहरादून कराने पर सरकार को घेरने में जुटी है। हरीश रावत का कहना है कि सरकार को ठंड लगती है। जिस वजह से सत्र को गैरसेंण की जगह देहरादून में कराया जा रहा है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस बेवजह राजनीति कर रही है, जबकि ये निर्णय विपक्ष की सहमति से हुआ है। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह भी सत्र को लेकर हुई बैठक में मौजूद थे। हालांकि कांग्रेस गैरसेंण के मुद्दे को चुनाव से पहले छोड़ना नहीं चाहती है। जिसके लिए हरीश रावत लगातार अभियान भी छेड़ चुके हैं। हरीश रावत पहले ही कांग्रेस की सरकार आने पर गैरसेंण को राजधानी बनाने की वकालत कर चुके हैं।
गैरसेंण पर जारी है सियासत
गैरसेंण उत्तराखंड की जनभावना का केन्द्र बिंदु रहा है। आंदोलनकारी गैरसेंण को स्थायी राजधानी के रूप में देखना चाहते हैं। लेकिन अब तक की सरकारें राजधानी के नाम पर ठोस निर्णय नहीं ले पाए। भाजपा ने ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का दांव तो खेल दिया लेकिन अब गैरसेंण में इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप करना सरकार के लिए चुनौती बना हुआ है। धामी सरकार ने कार्यकाल का आखिरी सत्र गैरसेंण में कराने का मन बनाया लेकिन मौसम अनुकूल न होने से सरकार ने हाथ पीछे खींच लिए। लेकिन कांग्रेस को राजनीति का पूरा मौका मिल गया। हरीश रावत ने इस बीच गैरसेंण पर बड़ा दांव चलते हुए सरकार आने पर राजधानी बनाने का दावा कर दिया। लेकिन फिलहाल देहरादून में सत्र के दौरान कांग्रेस सदन से सड़क तक सरकार की मुश्किलें बढ़ाने का काम करने में जुटी है। इसके लिए देहरादून में विधायक और गैरसेंण में गणेश गोदियाल और हरीश रावत की जोड़ी सरकार को घेरने की रणनीति पर फोकस कर रहे हैं। कांग्रेस के लिए चुनावी साल में गैरसेंण का मुद्दा सियासत का अहम बिंदु बन गया हैा अभी तक कांग्रेस देवस्थानम और किसानों केे विरोध को चुनावी साल में जमकर उठानेे में लगी थीा लेकिन केन्द्र सरकार ने बीच में किसानों के विरोध का कारण बन रहे बिल और राज्य सरकार ने पंडा समाज के विरोध को देखते हुए देवस्थानम बोर्ड को भंग कर कांग्रेस के हाथ से दो बडे मुद्दे छिन लिएा जिसके बाद कांंग्रेस अब गैरसेंण और राेजगार पर फोकस कर रही हैा हालांंकि कांग्रेस को रणनीति भी बदलनी पडी हैा












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