Ankita bhandari case पूर्व सीएम हरीश रावत ने शुरू की सोशल मीडिया पर ये कैंपेन, प्रोफाइल पिक्चर बदलकर दिए संकेत
हरीश रावत ने हैसटैग जस्टिस फॉर अंकिता भंडारी मुहिम शुरू की
उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक माह बाद भी जांच पूरी नहीं हो पाई है। इस बीच अलग-अलग घटनाक्रम को लेकर विपक्ष और महिला संगठन जांच को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। साथ ही पूरे मामले में सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के बड़े नेता हरीश रावत ने अब इस पूरे प्रकरण के विरोध के लिए एक बार फिर नया तरीका अपनाया है।

हैसटैग जस्टिस फॉर अंकिता भंडारी मुहिम शुरू
हरीश रावत ने अपने फेसबुक पेज पर हैसटैग जस्टिस फॉर अंकिता भंडारी मुहिम शुरू कर सवाल किया है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि वो वीआईपी कौन। साफ है कि आने वाले दिनों में अंकिता केस को लेकर विपक्ष एक बार फिर गर्म जोशी से इस मुद्दे को उठाने जा रहा है। खासकर हरीश रावत ने इस पूरे प्रकरण के लिए नए सिरे से लड़ाई शुरू कर दी है।

मामला 18 सितंबर का, 24 सितंबर को अंकिता का शव चिल्ला नहर से बरामद हुआ था
पौड़ी जिले की अंकिता भंडारी वनंतरा रिजॉर्ट में बतौर रिसेप्सनिष्ट काम करने आई थी। लेकिन 20 से 22 दिन के भीतर ही अंकिता की हत्या कर दी गई। रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो साथियों ने रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी को नहर में फेंककर हत्या कर दी थी। मामला 18 सितंबर का है। घटना के बाद पुलकित ने ही अंकिता के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। 24 सितंबर को अंकिता का शव ऋषिकेश के पास चिल्ला नहर से बरामद हुआ था। अंकिता केस उत्तराखंड ही नहीं पूरे देश में आग की तरह फैल गया। जिसका जमकर विरोध हुआ। इस बीच धामी सरकार ने एसआईटी जांच शुरू की। हालांकि अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है। इस पूरे मामले में राजनीति भी जमकर हुई, सबसे पहले पूर्व सीएम हरीश रावत पीड़िता के गांव परिजनों से मिलने पहुंचे। इसके बाद सीएम से लेकर सत्ताधारी पार्टी के नेता और विपक्ष के नेता पहुंचे।
प्रकरण में वीआईपी को लेकर चर्चा, विपक्ष की वीआईपी के नाम को सार्वजनिक करने की मांग
सबसे ज्यादा इस प्रकरण में वीआईपी को लेकर चर्चा हुई। आरोप है कि जिस रिजॉर्ट में अंकिता को रिसेप्सनिष्ट की जॉब मिली, वहां उस पर अनैतिक काम का दबाव डाला गया। इतना ही नहीं अंकिता को एक वीआईपी के लिए स्पेशल सर्विस देने की बात की गई थी। जिसके बाद ये सारा प्रकरण हुआ। विपक्ष लगातार वीआईपी के नाम को सार्वजनिक करने की मांग करता आ रहा है। इसी को मुद्दा बनाकर विपक्ष सरकार को घेरने में लगा है। इस प्रकरण में बुलडोजर विवाद भी खूब चर्चा में रहा। वनंतरा रिजॉर्ट पर रात में बुलडोजर चला, आरोप है कि बुलडोजर अंकिता के कमरे में चला, इससे वहां साक्ष्य भी मिट गए। हालांकि पुलिस का दावा है कि रिजॉर्ट से साक्ष्य पहले ही जुटा लिए गए थे। इस तरह इस प्रकरण को लेकर लगातार राजनीति होती रही है। अब हरीश रावत ने इस मामले को लेकर सोशल कैंपेन शुरू कर दिया है। अंकिता केस को लेकर उत्तराखंड महिला मंच और देश के विभिन्न महिला संगठनों की टीम सामने आ चुकी है। महिला संगठन अंकिता भंडारी के गांव डोभ श्रीकोट भी जा चुकी है। इसके साथ ही ऋषिकेश में वनंत्रा रिजॉर्ट व चीला बैराज के आसपास की जगहों का दौरा कर लोगों से पूछताछ कर अपने स्तर से जांच पड़ताल भी कर रही है।












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