उत्तराखंड में हुई AAP की चुनावी एंट्री तो UKD भी करने लगी मेकओवर
देहरादून, 19 अगस्त। आम आदमी पार्टी के उत्तराखंड में चुनावी साल में एंट्री होने के बाद से क्षेत्रीय दल उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी)भी एक्टिव मोड में आ चुकी है। आप को तीसरे विकल्प के रुप में खुद को प्रोजेक्ट करने के बाद यूकेडी के शीर्ष नेतृत्व भी पार्टी को अब नए सिरे से पहचान बनाने को चुनावी मैदान में कूद गया है। यूकेडी ने विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की वेबसाइट लांच कर टोल फ्री नंबर भी जारी किया है। जिसका उद्देश्य पार्टी का सोशल मीडिया प्रचार और जनता तक पहुंचना बताया जा रहा है।

उत्तराखंड के पृथक राज्य बनने के पीछे यहां की जनता के अलावा उत्तराखंड क्रांति दल का बहुत बड़ा योगदान रहा है। लेकिन अब तक हुए चुनावों में क्षेत्रीय दल यूकेडी को तरजीह नहीं मिल पाई है। बीजेपी और कांग्रेस जिस भी दल ने राज्य में सरकार बनाई यूकेडी अपने मूल सिद्वांतों को छोड़कर राष्ट्रीय दलों के साथ सत्ता की हिस्सेदारी में शामिल होती रही। जब पार्टी के नेता सिद्वांतों के साथ समझौता करने लगी तो पार्टी में दो फाड़ हो गए। अब पार्टी ने एक बार फिर एक जुट होकर ठीक चुनाव से पहले काशी सिंह ऐरी के नेतृत्व में चुनाव लडने का ऐलान किया। काशी सिंह ऐरी तीसरी बार दल के केंद्रीय अध्यक्ष बने हैं। वह चार बार के विधायक भी रहे हैं।लेकिन पार्टी खुद को प्रदेश में तीसरे विकल्प के रूप में तैयार करती उससे पहली ही आप ने प्रदेश की राजनीति में धमाकेदार एंट्री मार दी। जो कि आए दिन नए नए मुद्दों को लेकर चर्चाओं में है।
आप से होगी चुनावी जंग
प्रदेश में तीसरे विकल्प के रूप आम आदमी पार्टी धीरे-धीरे लोगों के बीच अपनी पैठ बना रही है। आप ने बिजली से लेकर हिंदुत्व के मुद्दों को छुकर जनता की भावनाओं को अपने पक्ष में करने को दिल्ली से खास प्लानिंग के तहत उत्तराखंड में राजनीति शुरू कर दी है। साथ ही कर्नल अजय कोठियाल को सीएम का फेस बनाकर सबसे पहले प्रदेश में किसी दल के सीएम प्रोजेक्ट करने में भी बाजी मारी है। अब यूकेडी के सामने बीजेपी, कांग्रेस के अलावा आप का भी सामना करने की बडी चुनौती है। जिसके लिए पार्टी नए कलेवर में खुद को जनता के बीच में लाने का दावा कर रही है।
इमेज बदलने की कोशिश
सोशल मीडिया के युग में पार्टी ने खुद को घर-घर तक पहुंचाने की कोशिश भी कर दी है। लेकिन पार्टी दूसरे दलों के प्रचार-प्रसार और सोशल मीडिया में पहले से ही धाक जमाए इमेज को कैसे रोक पाएगी। इसके लिए यूकेडी को अभी और एडवांस पॉलिटिक्स सीखने की जरुरत है। यूकेडी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मीडिया प्रभारी शांति प्रसाद भट्ट का कहना है कि पहाड़ के वास्तविक मुद्दों को यूकेडी ही छू सकती है। ऐसे में पार्टी विधानसभा चुनावों में रोजगार, भू कानून, गैरसेंण को पूर्ण राजधानी बनाने और पलायन जैसे मुद्दों पर चुनाव लड़ ने जा रही है। उन्होंने बताया कि यूकेडी समय के साथ जनता के बीच जाने के लिए ही अब सोशल मीडिया के जरिए प्रचार-प्रसार में जुट गई है।
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