बेटी को गिफ्ट देना था विदेशी नस्ल का डॉगी, ऑनलाइन फ्रॉड में फंसकर महिला लुटा बैठी 66 लाख रुपए
देहरादून, 24 अगस्त। अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं तो ये खबर आपको अलर्ट करने के लिए है। उत्तराखंड की स्पेशल टास्क फोर्स ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय साइबर क्रिमिनल को पकड़ा है जो कि ऑनलाइन सर्च इंजन पर फर्जी मोबाइल नम्बर डालकर लोगों से करोड़ों की ठगी करते थे। इतना ही नहीं शातिर अपराधी विदेशी कुत्ते के बच्चों की नस्ल की फोटो दिखाकर लोगों से लाखों रूपए का फर्जीवाड़ा करते थे। आरोपी ने उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक महिला से विदेशी नस्ल के कुत्ते को बेचने के नाम 66 लाख की ठगी की थी।

रिपब्लिक ऑफ कैमरून का है शातिर क्रिमिनल
उत्तराखंड पुलिस के डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर, प्रवक्ता उत्तराखंड पुलिस नीलेश आनन्द भरणे ने बताया कि 66 लाख की साइबरी ठगी में कर्नाटक के बैंगलुरु में स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखंड और साइबर पुलिस ने सेंट्रल अफ्रीका का अंतरराष्ट्रीय साइबर क्रिमिनल रिपब्लिक ऑफ कैमरून निवासी डिंग बोबगा क्लोवेस उर्फ बॉबी इब्राहिम गिरफ्तार किया है। शातिर अपराधी ने देहरादून निवासी महिला से विदेशी नस्ल के कुत्ते को बेचने के नाम 66 लाख ठगे थे। बताया गया है कि राज्य गठन के बाद पहली बार कोई विदेशी रिपब्लिक ऑफ कैमरून का साइबर ठग पकड़ा गया है। साइबर क्रिमिनल से बरामद हुए दर्जनों मोबाइल, फोन,सिम कार्ड्स,लैपटॉप,एटीएम कार्ड्स व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद करने के साथ ही 13 लाख भी एकाउंट में फ्रीज कराए गए है। शातिर गिरोह जस्ट डायल के नाम पर विदेशी नस्ल के कुत्ते गोल्डन रिट्रीवर को बेचने के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठते थे।

फर्जी मोबाइल नम्बर से देते हैं फ्रॉड को अंजाम
साइबर की दुनिया में अपराधी आम जनता की गाढ़ी कमाई हड़पने के लिए अपराध के नये-नये तरीके अपनाकर धोखाधड़ी कर रहे है। ठग विभिन्न ऑनलाइन सर्च इंजन पर फर्जी मोबाइल नम्बर डालकर कर आम जनता से ई-मेल व दूरभाष के माध्यम से सम्पर्क कर फर्जी वैबसाईट के जरिए ऑनलाइन सामान बेचने के नाम पर करोड़ों का फ्रॉड कर रहे हैं। उत्तराखंड एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून को मोथरोवाला देहरादून निवासी आरती रावत ने तहरीर दी, पीड़ित महिला ने बताया कि बेटी के जन्मदिन पर उसे उपहार के रुप में कुत्ते का बच्चा देने के लिए उन्होंने ऑनलाइन शाँपिग साइट जस्ट डायल पर दिये गये मोबाइल नम्बर पर सम्पर्क किया गया। आरोपी ने गोल्डन रिट्रीवर नस्ल के विदेशी कुत्ते के बच्चे को बेचने के नाम पर पीड़ित से कुत्ते की बुकिंग के लिए एडवांस धनराशि देने व ट्रांसपोर्ट व यात्रा व्यय व बीमा शुल्क के नाम पर रुपये 66,39,600 ठगे। पीड़ित की कंप्लेन पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
बैगलौर से किया गिरफ्तार
पुलिस ने जब जांच शुरू की तो पता चला कि पीड़ित से ठगी गई रकम त्रिपुरा व महाराष्ट के विभिन्न बैक खातो में प्राप्त कर बैगलोर कर्नाटक स्थित विभिन्न एटीएम मशीनो के माध्यम से निकाला गया है। आरोपियों ने घटना में फर्जी आईडी कार्ड के आधार पर मोबाइल नम्बर व बैंक खातो का प्रयोग किया गया। पुलिस टीम द्वारा लगातार 15 दिनों तक बैगलौर में सक्रिय रहकर अभियुक्तो द्वारा प्रयोग की गयी एटीएम मशीनों की सीसीटीवी फुटेज और अन्य जानकारी जुटाने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपी को स्थानीय कोर्ट में पेश कर आरोपी के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत करते हुये जनपद देहरादून उत्तराखण्ड लाये जाने के लिए ट्रांजिट रिमाण्ड प्राप्त कर देहरादून लाया जा रहा है।
मिलती जुलती वेबसाइट बनाकर करते थे ठगी
पकड़े गए आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि आरोपी द्वारा अपने अन्य विदेशी व भारतीय सहआरोपी के साथ मिलकर ऑनलाइन सामान खरीदने व बेचने वाली वेबसाइट से मिलती जुलती वेबसाइट बनाते हैं। इसके बाद फर्जी वेबसाइट में कस्टमर केयर के रुप में फर्जी आईडी पर प्राप्त मोबाइल सिम नम्बर दर्ज करते हैं। जब कोई विदेशी नस्ल के कुत्ते खरीदने के लिए सम्पर्क करते हैं तो उनको विदेशी कुत्ते के बच्चो की फोटोग्राफ दिखाकर बेचने के नाम पर ट्रांसपोर्ट व बीमा आदि नाम से विभिन्न शुल्को के रुप में धनराशि मांगते है। इसके लिए बैगलोर में रहकर एटीएम के माध्यम से निकालकर अपने विदेशी व भारतीय साथियो को धनराशि ट्रांसफर की जाती है। उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 20 हजार रूपए का इनाम देने की घोषणा की है।
कैसे बचें साइबर फ्रॉड से---
-ऑनलाइन सामान की खरीददारी करते समय अधिकृत वेबसाइट से ही सामान खरीदे।
-किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरों/फर्जी साइट/धनराशि दोगुना करने वाले अंनजान अवसरो के प्रलोभन में न आयें ।
- किसी भी ऑनलाइन ट्रेडिग साइट व लॉटरी एवं ईनाम जीतने के लालच में आकर धनराशि देने और अपनी व्यक्तिगत जानकारी व महत्वपूर्ण डाटा शेयर करने से बचना चाहिये।
- किसी भी प्रकार का ऑनलाइन ट्रेडिग लेने से पूर्व उक्त साइट की पूर्ण जानकारी व स्थानीय बैंक, सम्बन्धित कम्पनी आदि से भलीं भांति इसकी जांच पड़ताल अवश्य करा लें ।
- कोई भी शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें।












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