Lok Sabha elections 2024: भाजपा के लिए ये होंगे 5 बड़े चुनावी मुद्दे, पीएम मोदी ने कर दिया शंखनाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा की यात्रा आध्यात्मिक के साथ ही भाजपा के लिए राजनीतिक रंग देने में भी पूरी तरह से सफल रही है। पीएम मोदी ने सीएम धामी और उनकी टीम की भी तारीफ की। साथ ही पिथौरागढ़ से लोकसभा चुनाव का शंखनाद कर दिया।

पीएम ने मंच से हर मुद्दे महिलाओं, युवाओं, रोजगार, पर्यटन, गरीबी, विकास आदि छूने की कोशिश की। साथ ही जनता को ये भी याद दिलाया कि पूर्ण बहुमत की सरकार आने से ही सारे काम हो रहे हैं। मोदी ने इशारो में जनता से एक बार फिर पूर्ण बहुमत की सरकार लाने की अपील भी की। मोदी ने जिन 5 अहम मुद्दों का जिक्र किया, वो सभी भाजपा के लिए 2024 में अहम चुनावी मुद्दे बनने जा रहे हैं।
महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण मोदी ने पिथौरागढ़ में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण संबंधी विधेयक का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सालों से जिस विधेयक को लटकाया जा रहा था, उसे आपके भाई और बेटे ने पूरा करके दिखाया है। पीएम मोदी ने मंच से बार बार महिलाओं के आशीर्वाद और उनके प्रति दिखाए जा रहे स्नेह का जिक्र किया। साफ है कि मोदी ने महिला वोटरों को साधने की पूरी कोशिश की। इसकी झलक मोदी के गूंजी गांव में महिलाओं से आशीर्वाद लेते हुए भी नजर आया।
बॉर्डर और सीमांत गांव में विकास कार्य के जरिए मोदी ने ये संदेश देने की कोशिश की कि उनकी सरकार की सोच पुरानी सरकारों से कैसे अलग है। मोदी ने ये ऐलान किया कि वे बॉर्डर तक ट्रेन पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि आज बॉर्डर तक विकास कार्य किए जा रहे हैं, उन्होंने कहा कि ये काम पहले की सरकारों द्वारा भी किया जा सकता था। लेकिन पहले की सरकारों ने इस डर से बॉर्डर एरिया का विकास नहीं किया कि कहीं दुश्मन इसका फायदा उठाकर अंदर ना आ जाए। आज का नया भारत, पहले की सरकारों की इस डरी हुई सोच को पीछे छोड़कर आगे बढ़ रहा है। मोदी ने कहा कि वे न तो डरते हैं और नहीं डराते हैं।
गरीबी हटाओ
मोदी ने विकास, रोजगार और पर्यटन के अलावा आम आदमी से जुड़ने की भी कोशिश की। मोदी ने कहा कि पहले नारा दिया जाता था कि गरीबी हटाओ, मोदी कह रहा है कि हम मिलकर गरीबी हटाकर रहेंगे। हम जिम्मेदारी लेते हैं और जी-जान से जुट जाते हैं। मोदी ने कहा कि 5 साल में देश में साढ़े 13 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए। ये आप जैसे ही पहाड़ पर दूरवर्ती इलाकों में रहने वाले लोग हैं।
पलायन
मोदी ने एक बार कड़े और सख्त संदेश में साफ कहा कि वे उत्तराखंड में पलायन के लिए बहुत कुछ करके दिखाएंगे। उन्होंने कहा कि यहां लोग कहते हैं कि पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी पहाड़ के काम नहीं आती। वे इस अवधारणा को बदल कर रख देंगे। मोदी ने कहा कि वे चाहते हैं कि जो लोग पहाड़ को छोड़कर गए हैं वे यहां लौट आएंं। मोदी ने इसका विजन भी दिखाया साथ ही वाइब्रेंट विलेज योजना का जिक्र कर सरकार के कामकाज की भी तारीफ की।
पर्यटन और तीर्थाटन मोदी ने पिथौरागढ़ के आदि कैलाश और जागेश्वर से पर्यटन और तीर्थाटन के नए आयाम स्थापित करने की कोशिश की। न पहली बार ऐसे दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंचने वाले पीएम बने, बल्कि वहां के स्थानीय वेशभूषा, रहन सहन, पूजा पाठ सभी को पास से देखा और खुद भी उसे फॉलो किया। मोदी ने केदारखंड के बाद अब मानसखंड को मानचित्र में खींचने के लिए ताकत झौंक दी है। जिससे पर्यटन और रोजगार के नए साधन विकसित हो सकें। कैलाश यात्रा और कुंमाउ के मंदिर, तीर्थ स्थलों को नई पहचान मिल सके, मोदी ने इसके लिए अपनी पूरी यात्रा का आयोजन किया। इस यात्रा में मोदी काफी हद तक सफल भी रहे।












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