UP के स्कूलों में dropout की समस्या को दूर करने की कवायद, Yogi सरकार ने शुरू किया Sharda अभियान
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार राज्य में ड्रॉप आउट की समस्या को समाप्त करने के लिए शारदा अभियान चलाएगी। इसको दो चरणों में पूरा कराया जाएगा।

Uttar Pradesh government: उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूल छोड़ने वाले छात्रों को खोजने और उनका नामांकन करने के लिए "शारदा" कार्यक्रम शुरू किया है। अधिकारियों की माने तो स्कूल से बाहर के बच्चों की पहचान करने और उन्हें आयु-उपयुक्त कक्षाओं में नामांकित करने के लिए स्कूल के प्रधानाचार्य, शिक्षक और अन्य एक घरेलू सर्वेक्षण करेंगे। उनके लिए विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी और उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
दो चरणों में आयोजित किया जाएगा शारदा अभियान
एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि यह पहल दो चरणों में आयोजित की जाएगी, पहला चरण 1 अप्रैल, 2023 से शुरू हो गया है। विशेष शिक्षकों द्वारा हर महीने 20 स्कूलों की निगरानी की जाएगी, जिसमें "शारदा" ऐप के माध्यम से जानकारी अपलोड की जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने फिर से स्कूल छोड़ने वाले छात्रों को खोजने और उनका नामांकन करने के लिए "शारदा (स्कूल हर दिन आए)" कार्यक्रम शुरू किया है।
स्कूल ने आने वाले बच्चों की पहचान की जाएगी
दरअसल, बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत प्रावधान है कि 6-14 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चे जो स्कूल से बाहर हैं, उनकी पहचान की जानी चाहिए और आयु-उपयुक्त कक्षाओं में नामांकित किया जाना चाहिए और विशेष प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। इसको प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए समय-समय पर डीएम के निर्देशन में "शारदा" पहल चलाने के निर्देश दिए जाते हैं।
स्कूली शिक्षा महानिदेशक ने जारी किया अभियान
स्कूली शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि शारदा योजना के तहत स्कूल न जाने वाले सभी बच्चों के दोबारा प्रवेश का प्रावधान है। ड्रॉपआउट्स को दो श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है। वे बच्चे जिनका कभी स्कूल में नामांकन नहीं हुआ और वे जिनका पहले नामांकन हुआ था लेकिन किन्हीं कारणों से उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी किए बिना स्कूल छोड़ दिया।
आदेश के अनुसार,
स्कूल के प्राचार्य, शिक्षक, शिक्षा मित्र, प्रशिक्षक और प्रत्येक बीटीसी प्रशिक्षु स्कूल न जाने वाले बच्चों की पहचान करने और उनकी उम्र के लिए उपयुक्त कक्षाओं में उनका नामांकन करने के लिए एक सर्वेक्षण करेंगे। यह अभियान शैक्षणिक सत्र 2023-24 में दो चरणों में चलाया जाएगा। प्रथम चरण में 1 अप्रैल 2023 से 15 मई 2023 तक बच्चों की पहचान कर उनका नामांकन किया जायेगा। द्वितीय चरण में मजदूर परिवारों के बच्चों की पहचान एवं नामांकन आयु में- 1 जुलाई 2023 से 31 जुलाई 2023 तक उपयुक्त कक्षाएं कराई जाएंगी।
स्कूल न आने वाले बच्चों की पहचान की जाएगी
इसके अलावा, विशेष आवश्यकता वाले स्कूल न जाने वाले बच्चों की पहचान भी साथ-साथ की जाएगी। इसके बाद आयु-उपयुक्त कक्षाओं में उनका नामांकन होगा। पलायन करने वाले बच्चों को प्रवास प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाएगा ताकि बच्चे का नामांकन स्थान के नजदीक के विद्यालय में कराया जा सके। निर्देश के अनुसार कक्षा 2 से 8 तक के विशेष प्रशिक्षण में नामांकित सभी स्कूल न जाने वाले बच्चों का प्रथम मूल्यांकन 15 दिन की पहचान के बाद शारदा एप के माध्यम से होगा। दूसरा मूल्यांकन अक्टूबर में, तीसरा मूल्यांकन जनवरी में और चौथा मूल्यांकन मार्च में किया जाएगा।












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