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सपा, बसपा, कांग्रेस के भारी विरोध के बाद विधान परिषद में नहीं पास हुआ यूपीकोका बिल

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध को रोकने के लिए योगी सरकार का यूपीकोका बिल विधान परिषद में लटक गया है। विधानसभा में इस बिल को पेश करने के बाद यह विधान परिषद में अटक गया और इसे पास नहीं कराया जा सका। इस बिल के खिलाफ तमाम विपक्षी दलों ने विरोध दर्ज कराते हुए इसे पास करने से इनकार कर दिया। विधान परिषद में इस बिल के पास नहीं होने के बाद इस बिल को संशोधन के लिए प्रवर समिति को भेज दिया गया।

    विधान परिषद में पास नहीं हुआ बिल

    विधान परिषद में पास नहीं हुआ बिल

    आपको बता दें कि विधानसभा में भाजपा के पास पूर्ण बहुमत है, लेकिन अभी भी पार्टी के पास विधान परिषद में बहुमत नहीं है, जिसके चलते उसे यूपीकोका बिल पास कराने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। तमाम विपक्षी दलों ने यूपीकोका बिल का विरोध करते हुए इसे विशेष समुदाय और धर्म को टार्गेट करने वाला बिल बताया। उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने शुक्रवार को इस बिल को विधानसभा में पास होने के बाद विधान परिषद में पेश किया था। लेकिन इस बिल के पेश होते ही कांग्रेस, सपा और बसपा ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। तमाम विपक्षी दल के नेताओं ने बिल में संशोधन के लिए इसे प्रवर समिति को भेजे जाने की मांग की, जिसपर सरकार राजी हो गई। जिसके बाद सभापति रमेश यादव ने इसे प्रवर समिति के पास भेजने का प्रस्ताव पास किया।

    अखिलेश यादव ने भी साधा निशाना

    अखिलेश यादव ने भी साधा निशाना

    यूपीकोका बिल पर नाराजगी जाहिर करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि यह जनता को धोखा देने वाला कानून है, यह कानून व्यवस्था को ठीक करने की बजाए विरोधियों को चुप करने के लिए लाया जा रहा है। इस बिल के जरिए भाजपा कानून व्यवस्था को सही करने की बजाए राजनीतिक विरोधियों को ठीक करना चाहती है। यह कानून व्यवस्था की ठीक करने के लिए नहीं हैं, लिहाजा प्रदेश की जनता को धोखा ना दिया जाए। वहीं बसपा विधायक दल के नेता सुनील चित्तौड़ ने कहा कि यूपीकोका बिल काला कानून है, यह दलितों, अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के लिए लाया जा रहा है। इस कानून के जरिए सरकार राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाएगी। बसपा ने भी इस बिल में संशोधन के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दी।

    अंग्रेजों के कानून से तुलना

    अंग्रेजों के कानून से तुलना

    वहीं यूपीकोका बिल पर कांग्रेस ने भी विरोध दर्ज कराते हुए का कि यह कानून को 1919 में अंग्रेजो द्वारा लाए गए वर्नाकुलर एक्ट की तरह है, इसमे ना वकील और दलील सीधे सजा का प्रावधान है। लोकतंत्र में इस तरह के काले कानून को लोगों पर थोपा नहीं जा सकता है, कांग्रेस इस बिल का खुलकर विरोध करती है। वहीं विपक्षी दलों के विरोध पर पलटवार करते हुए उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि अगर पूर्व की सरकार ने डायल 100 का सही इस्तेमाल किया होता तो कानून व्यवस्था इतनी खराब नहीं होती। हमारी सरकार इस कानून के जरिए भ्रष्टाचार पर रोक लगाना चाहती है, लेकिन इस विधेयक का गलत संदेश लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। यह कानून अपराधियों के खिलाफ है नाकि राजनीतिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ।

    इसे भी पढ़ें- क्या है योगी सरकार का यूपीकोका कानून, आखिर क्यों हो रहा है इसका विरोध

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    English summary
    Yogi Government UPCOCA bill down in Vidhan Parisad. Apposition takes on government for targeting minorities.

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